किरण रिजिजू ने राहुल गांधी को दीं 7 सलाह, बोले- कांग्रेस को ज्यादा सांसद जिताने हैं तो करें ये काम

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें सात सलाह दी हैं। रिजिजू का कहना है कि अगर राहुल गांधी इन सुझावों पर अमल करते हैं, तो कांग्रेस पार्टी लोकसभा में अपने सांसदों की संख्या बढ़ा सकती है। बुधवार, 4 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी को भारत में अधिक समय बिताने, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने और परिवारवादी राजनीति खत्म करने जैसी सलाह दी। रिजिजू की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच खुली बहस की चुनौती को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

किरण रिजिजू ने राहुल गांधी को दीं ये 7 सलाह

किरण रिजिजू ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि कांग्रेस पार्टी ज्यादा सांसद जिता सकती है, अगर राहुल गांधी कुछ जरूरी बदलाव करें। उन्होंने अपने संदेश में सात बिंदु गिनाए। रिजिजू की सलाह इस प्रकार हैं:

1. भारत में ज्यादा समय बिताएं: राहुल गांधी को भारत में अधिक समय बिताना चाहिए और बार-बार विदेश की गुप्त यात्राओं पर जाने से बचना चाहिए।

2. वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करें: उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आदर करना चाहिए और उनके अनुभव से सीख लेनी चाहिए। रिजिजू ने इसे भारतीय परंपरा से भी जोड़ा।

3. भारत-विरोधी लोगों से दूरी रखें:
रिजिजू ने राहुल गांधी को ऐसे लोगों से मुलाकात नहीं करने और उनके एजेंडे को बढ़ावा देना बंद करने की सलाह दी, जिन्हें वह भारत-विरोधी मानते हैं।

4. भाजपा और आरएसएस के प्रति नफरत खत्म करें: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरी नफरत छोड़नी चाहिए। भाजपा को दुश्मन के बजाय राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखना चाहिए।

5. संसद को गंभीरता से लें:
रिजिजू ने राहुल गांधी से संसद की कार्यवाही को अधिक गंभीरता से लेने और कांग्रेस सांसदों को बहस व चर्चाओं में हिस्सा लेने देने की बात कही।

6. संविधान और संस्थाओं का सम्मान करें: उन्होंने भारतीय संविधान के प्रति सम्मान दिखाने और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी।

7. कांग्रेस में परिवारवाद खत्म करें: रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस को एक लोकतांत्रिक राजनीतिक दल की तरह काम करने देना चाहिए और परिवारवादी राजनीति को खत्म करना चाहिए।

संसद में बहस को लेकर भी राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने के बाद किरण रिजिजू ने संसद में चर्चा और बहस के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेतृत्व को घेरा। उन्होंने कहा कि संसद बहस और चर्चा का मंच है, लेकिन जो लोग लोकतंत्र, बहस और चर्चा में विश्वास नहीं रखते, वे अब बहस की बात कर रहे हैं। रिजिजू ने अपनी टिप्पणी में राहुल गांधी की तुलना करते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा थामें या अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के बाद दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाने जैसा है। अपनी बात के अंत में उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर की बहस समझदार और परिपक्व लोगों के बीच होती है।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को क्यों दी बहस की चुनौती?

दरअसल, इस राजनीतिक बयानबाजी की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विपक्ष को लेकर की गई टिप्पणी है। 31 अक्टूबर को गुजरात के एकतानगर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन विपक्ष अब 'अवरोध पक्ष' बन गया है। उन्होंने विपक्ष पर देश के विकास में बाधाएं डालने और संविधान की गरिमा को कमजोर करने का आरोप भी लगाया था। इसके जवाब में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और पद पर बने रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि देश की वित्तीय व्यवस्था विदेशी ताकतों के नियंत्रण और समर्थन में है तथा विदेशी सोशल मीडिया भी प्रधानमंत्री का समर्थन करता है। इसके बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को किसी भी मंच और किसी भी समय खुली बहस की चुनौती दी थी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि वह बहस के लिए सामने आएं और इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री उनके पास मौजूद जानकारी से डरते हैं।

5 मिनट में आरोप साबित करने का दावा, रिजिजू ने फिर किया पलटवार
4 नवंबर को राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि बहस शुरू होने के पांच मिनट के भीतर वह यह साबित कर देंगे कि प्रधानमंत्री को देशद्रोही कहा जाना चाहिए। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आईं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने संसद में चर्चा का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी की चुनौती पर सवाल किए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री से 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की चुनौती दी। इस तरह राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच खुली बहस की मांग अब भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बयानबाजी का भी हिस्सा बन गई है।