नितिन गडकरी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना, पीएम मोदी पर टिप्पणी को बताया अनुचित

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को नागपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रैली के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए गडकरी ने कहा कि राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से इस्तेमाल की जा रही भाषा उन्हें शोभा नहीं देती। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर भी टिप्पणी कर रहे हैं। गडकरी ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस के नेता हताश और निराश हैं। इसी वजह से वे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार कांग्रेस को नकार रही है और पार्टी को चुनावों में लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।

राहुल गांधी और कांग्रेस की भाषा पर गडकरी ने जताई नाराजगी

नागपुर में BJP की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। गडकरी के मुताबिक, खरगे जैसे वरिष्ठ नेता भी प्रधानमंत्री के पिता को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता का समर्थन लगातार नहीं मिलने और चुनावों में हार के बाद पार्टी के नेता बौखलाहट में इस तरह की बातें कर रहे हैं। गडकरी ने इसे कांग्रेस की हताशा से जोड़ते हुए कहा कि इस रवैये का असर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनके व्यवहार में भी दिखाई दे रहा है।

चुनाव आयोग को बदनाम करने का लगाया आरोप

रैली में गडकरी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष और कांग्रेस की ओर से देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों के भरोसे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, विपक्ष जनता को भ्रमित करने का सुनियोजित प्रयास कर रहा है। गडकरी ने कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस के नेता लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं बताया।

संसद की कार्यवाही बाधित करने पर भी कांग्रेस को घेरा

केंद्रीय मंत्री ने संसद में बार-बार होने वाले व्यवधान को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य बहस करना और अलग-अलग मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर देना है। लेकिन कांग्रेस बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित कर कामकाज नहीं होने देती। गडकरी ने कहा कि संसद चर्चा और विचार-विमर्श के लिए बनी है। ऐसे में लगातार कार्यवाही रोकना इस संस्था के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित करके यह दिखाया है कि उसे संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्था के महत्व की परवाह नहीं है।

‘पीएम मोदी और BJP पर जनता का भरोसा कायम’

नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के प्रति जनता के समर्थन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष और INDI गठबंधन की ओर से संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का विश्वास कमजोर करने और जनता को भ्रमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गडकरी ने कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस की हताश और निराश मनस्थिति सामने आती है। हालांकि, उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के प्रति देश की जनता का आशीर्वाद और भरोसा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे कथित झूठ का जवाब देश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से देती रहेगी।

खरगे की टिप्पणी के बाद BJP नेताओं का पलटवार

मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर BJP नेताओं की ओर से पहले भी आपत्ति जताई गई थी। नवंबर की शुरुआत में खरगे ने दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने की बात दोहराई थी। इससे पहले पटना में उनके एक बयान को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के पिता का जिक्र किया था। इसी टिप्पणी के संदर्भ में नागपुर की रैली में गडकरी ने कांग्रेस नेतृत्व की भाषा पर सवाल उठाए।

नागपुर में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली

5 नवंबर को नागपुर में आयोजित यह रैली BJP के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा थी। इसमें नितिन गडकरी ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और संसद की कार्यवाही बाधित करने जैसे आरोप लगाए। अपने भाषण में उन्होंने आपातकाल का भी उल्लेख किया और कहा कि जिस कांग्रेस ने पहले देश में आपातकाल लगाया था, वही अब लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है।