देश की प्रमुख निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने का ऐलान किया है। कंपनी ने 1 जुलाई 2026 से अपने देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती लागू कर दी है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई बहाल होने का दिखा असर
पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति दोबारा शुरू हो गई है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इसी का असर अब भारत के ईंधन बाजार में भी दिखाई देने लगा है, जहां निजी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत देना शुरू कर दिया है।
देशभर के 7000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हुई नई दरेंउद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नायरा एनर्जी पूरे देश में 7000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों का संचालन करती है। कंपनी ने इन सभी आउटलेट्स पर संशोधित कीमतें 1 जुलाई से लागू कर दी हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण उपभोक्ताओं को मिलने वाली अंतिम कीमत में कुछ अंतर हो सकता है। इसके बावजूद यह कटौती निजी क्षेत्र के ईंधन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
सरकारी तेल कंपनियों ने अब तक नहीं किया कोई बदलावदूसरी ओर, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) अभी भी पुरानी दरों पर ईंधन बेच रही हैं। इन तीनों सरकारी कंपनियों का देशभर में 90,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क है, जबकि भारत में कुल पेट्रोल पंपों की संख्या एक लाख से अधिक है। इनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोल पंप इन्हीं सरकारी कंपनियों के अधीन आते हैं। राजधानी दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से ही उपलब्ध है।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान 7.50 रुपये तक बढ़े थे दामगौरतलब है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद सबसे पहले नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी ईंधन के दाम बढ़ाए थे। उस अवधि में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद नायरा एनर्जी ने सबसे पहले अपने ग्राहकों को राहत दी है, जबकि सरकारी कंपनियों की ओर से कीमतों में कटौती का इंतजार अब भी जारी है।