केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के साथ-साथ कानूनी विवाद भी लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर वडगांव मावल कोर्ट ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव और सिया गोयल के परिवार के बीच वकील की नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इसी विवाद के बीच आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। यह कदम उस दावे के बाद उठाया गया, जिसमें साहिल और उनके परिवार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि आशुतोष श्रीवास्तव सिया के अधिकृत वकील नहीं हैं।

अदालत में सिया की ओर से पहुंचे दो अलग-अलग वकील

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में एक असामान्य स्थिति देखने को मिली। सिया गोयल की ओर से दो अलग-अलग अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए और दोनों के पास सिया के हस्ताक्षर वाला वकालतनामा मौजूद था। दोनों वकीलों ने अदालत में सिया का पक्ष भी रखा और उसकी ओर से कानूनी दलीलें पेश कीं।

हालांकि सुनवाई समाप्त होने के बाद सिया गोयल ने स्वयं अदालत में हाथ उठाकर कहा कि अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव उसके वकील नहीं हैं। दूसरी ओर आशुतोष श्रीवास्तव ने भी दावा किया कि उनके पास सिया के हस्ताक्षरयुक्त हलफनामे और आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर उन्होंने अदालत में उसकी ओर से पैरवी की।

परिवार ने किया इनकार, फिर भेजा गया मानहानि नोटिस

पिछले कुछ दिनों से आशुतोष श्रीवास्तव मीडिया के सामने लगातार सिया गोयल की ओर से अपना पक्ष रखते हुए दिखाई दे रहे थे। वहीं दूसरी तरफ सिया के परिवार का कहना था कि उन्होंने आशुतोष श्रीवास्तव को कभी अपना अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया। परिवार ने बार-बार यह दावा किया कि उनका सिया की कानूनी टीम से कोई संबंध नहीं है।

इन विरोधाभासी दावों के बावजूद आशुतोष श्रीवास्तव अदालत में पेश हुए और सिया की ओर से बहस की। इसके बाद उन्होंने सिया के भाई साहिल गोयल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस जारी कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है।
पुलिस जुटा रही है अहम सबूत

उधर, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। वडगांव मावल कोर्ट ने पुलिस की मांग पर सिया गोयल और चेतन को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि जांच एजेंसी मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने ला सके।

पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान अब तक 13 महत्वपूर्ण साक्ष्य और वस्तुएं बरामद की जा चुकी हैं, लेकिन कई अहम सबूत अभी जुटाए जाने बाकी हैं। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि अलग-अलग स्थानों पर रहने के बावजूद सिया गोयल और चेतन किन जगहों पर मिलते थे तथा कथित हत्या की साजिश किस स्थान पर रची गई थी। इसके अलावा पुलिस इस पूरे प्रकरण के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जा सके।