साल 2026 की शुरुआत से ही सोना और चांदी बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। 29 जनवरी को दोनों कीमती धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर (ऑल टाइम हाई) को छू लिया था, लेकिन उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई है। वर्तमान स्थिति में चांदी ऑल टाइम हाई के मुकाबले 1.50 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है, जबकि सोने का भाव 25,800 रुपये घट चुका है।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 29 जनवरी, 2026 को चांदी की कीमत 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई थी। सोना भी उसी दिन 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद अगले तीन दिनों तक सोना और चांदी दोनों में लगातार गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार को सोना 2.12% और चांदी 4.85% टूटेतीन दिनों की गिरावट के बाद इनकीमती धातुओं में दो दिन तक मजबूती देखने को मिली, लेकिन 5 फरवरी से 6 फरवरी तक फिर से तेज गिरावट का दौर शुरू हुआ। शुक्रवार को हफ्ते के अंतिम कारोबारी सत्र में चांदी का भाव 13,000 रुपये यानी 4.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले गुरुवार को यह 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर था।
सोने के भाव में भी गिरावट जारी रही और यह 3,400 रुपये यानी 2.12 प्रतिशत की कमी के साथ 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। गुरुवार को सोना 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
ऑल टाइम हाई से तुलनाचांदी अब अपने ऑल टाइम हाई से 1,49,500 रुपये नीचे आ चुकी है, जबकि सोना भी अपने उच्चतम स्तर से 25,800 रुपये गिर चुका है। इसका मतलब है कि चांदी में अब तक 37 प्रतिशत और सोने में 14.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि चांदी की गिरावट सोने की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक रही है।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू बाजार में कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण आई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी ने उछाल के साथ कारोबार पूरा किया।