2 दिन में 20,000 रुपये महंगी हो गई चांदी, सोने के दाम में भी आई तेजी; जानें आज के लेटेस्ट रेट

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं ने निवेशकों को एक बार फिर चौंका दिया है। केवल दो कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में लगभग 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल देखने को मिला, वहीं सोने की कीमतें भी मजबूती के साथ नए ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गईं। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

MCX पर सोना-चांदी के लेटेस्ट रेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स दो दिन में ₹5,000 से अधिक बढ़कर ₹1,55,761 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, मार्च 5, 2026 सेटलमेंट वाली चांदी फ्यूचर्स ने जबरदस्त उछाल दिखाते हुए करीब ₹20,000 की तेजी के साथ ₹2,45,213 प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। इस तेजी ने ट्रेडर्स और ज्वेलरी बाजार दोनों में हलचल पैदा कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात

वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड ने लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद स्थिरता पकड़ते हुए लगभग $1,950 प्रति औंस के आसपास व्यापार किया। चांदी की कीमत भी बढ़कर $77.91 प्रति औंस के पास पहुंच गई। एशियाई बाजारों में छुट्टियों और कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण कीमतों में तेज और अचानक उतार-चढ़ाव देखा गया।

फेड और भू-राजनीतिक कारक

अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स और कोर PCE महंगाई आंकड़ों पर बाजार की नजर बनी हुई है। फेड के अलग-अलग बयानों ने निवेशकों में अनिश्चितता पैदा की है। कुछ अधिकारी फिलहाल ब्याज दर स्थिर रखने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ ने संकेत दिए हैं कि यदि महंगाई 2% के लक्ष्य के करीब आती है तो दरों में कटौती हो सकती है। इसके अलावा, ईरान-अमेरिका वार्ता से भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी कमी आई, जिससे सोने की कीमतों पर पहले हल्का दबाव पड़ा, लेकिन बाद में कीमतें संभल गईं।

लंबी अवधि का रुख


विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की तेजी के बावजूद सोना पिछले हफ्तों की तुलना में अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इसका अर्थ है कि लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह नहीं टूटा है, बल्कि फिलहाल कीमतों में ठहराव और हल्की मुनाफावसूली का दौर चल रहा है। निवेशकों के लिए सलाह यही है कि वे बाजार की वर्तमान स्थिति और वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।