इन घरेलू उपचारों की मदद से करे हेपेटाइटिस बी का इलाज

हेपेटाइटिस बी लीवर से सम्बन्धित समस्या है, जो ध्यान न देने पर जानलेवा भी बन सकती है।हेपेटाइटिस बी से पीड़ित कई मरीजों को लंबे समय तक कोई तकलीफ न होने के कारण इसका पता भी नहीं चलता हैं। हेपेटाइटिस बी के संक्रमण के कारण हर वर्ष लिवर ख़राब हो जाने के कारण 4 हजार से 5 हजार लोगों की मृत्यु हो जाती हैं। आज हम आपको बतायेंगे की हेपेटाइटिस बी के दौरान घरेलू उपचार जिनकी मदद से आप घर पर ही हेपेटाइटिस बी का इलाज कर सकते है। तो आइये जानते है इस बारे में...

* नीम

नीम हेपेटाइटिस बी के इलाज में बहुत उपयोगी उपायों में से है। इसका मुख्य कारण है कि इसमें कई तरह के वायरस विरोधी घटक मौजूद होते हैं। हेपेटाइटिस बी होने पर नीम की पत्तियों का रस शहद में मिलाकर पीना चाहिए।

*हल्दी

हल्दी एंटी इन्फ्लेमेट्री, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी माइक्रोबियल प्रभाव वाली तथा बढ़े हुए यकृत नलिकाओं को हटाने वाली होती है। हेपेटाइटिस बी में इससे बने दूध या पानी मिलाकर इसका सेवन करने हेपेटाइटिस बी का उपचार किया जा सकता है।


* मुलेठी पाउडर और शहद


मुलेठी पाउडर हमारे लिवर को बहुत फायदा पंहुचाती है। एक बड़ा चम्मच मुलेठी पाउडर में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन खाएं। हेपेटाइटिस के उपचार में यह भी बेहद फायदेमंद है।

* आंवला

आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है जो लीवर को हर तरह से फायदा पहुंचाता है।ऐसे में कच्चे आंवले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इसे सलाद में मिलाकर खा सकते हैं या आप इसे पीस कर दही में मिलाकर रायता भी बना सकते हैं।इसके अलावा जूस व चटनी के रूप मे भी खा सकते है।

*लहसुन

लहसुन शरीर से विषाक्त पदार्थो को साफ़ करने में मदद करता है। ऐसे में रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन की एक से दो कली चबाएं। साथ ही खाना बनाने में भी लहसुन का प्रयोग मसाले के रूप में जरूर करें।

*काली गाजर

काली गाजर के भी बहुत फायदे हैं। विटामिन से भरपूर काली गाजर से खून की कमी पूरी होती है तथा रक्त संचार सुधरता है। हेपेटाइटिस में भी गाजर को सलाद के रूप में खाने से बहुत फायदे होते हैं।