शहद में मिलाएं जरा-सी काली मिर्च, ऐसे करें रोज सेवन, मौसम बदलते ही नहीं होगा जुकाम

घरेलू नुस्खों की बात हो और शहद का जिक्र न आए, ऐसा कम ही होता है। लेकिन क्या आपने कभी शहद में काली मिर्च मिलाकर सेवन किया है? यह साधारण-सा दिखने वाला मिश्रण सेहत के लिए बेहद असरदार माना जाता है। सही मात्रा और सही समय पर लिया जाए तो यह सर्दी-खांसी-जुकाम जैसी मौसमी परेशानियों से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करने में सहायक हो सकता है।

अगर आप प्राकृतिक तरीकों से अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो इस आसान उपाय को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने और सेवन करने का सही तरीका क्या है।

सेवन का सही तरीका क्या है?


इस नुस्खे को तैयार करना बेहद आसान है। सबसे पहले एक छोटी कटोरी में एक चम्मच शुद्ध शहद लें। ध्यान रखें कि शहद मिलावटी न हो, तभी इसका पूरा लाभ मिलेगा। अब इसमें एक चुटकी ताजा पिसी हुई काली मिर्च डालें।

दोनों चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एकसार कर लें। इसे सुबह खाली पेट लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। चाहें तो रात में सोने से पहले भी इसका सेवन किया जा सकता है। नियमित रूप से कुछ दिनों तक लेने पर इसके सकारात्मक प्रभाव महसूस होने लगते हैं।

सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में सहायक

शहद में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जबकि काली मिर्च में मौजूद तत्व गले की खराश और जकड़न को कम करने में मदद कर सकते हैं। दोनों का संयोजन सर्दी, खांसी, जुकाम और बलगम जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता रहा है।

दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में इस मिश्रण का खास स्थान रहा है। यह शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट कर सकता है, जिससे मौसम बदलने पर होने वाली परेशानियों का खतरा कम हो सकता है।

वजन नियंत्रण और पाचन में भी फायदेमंद


अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह मिश्रण आपके लिए सहायक साबित हो सकता है। काली मिर्च मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद कर सकती है, जबकि शहद शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है।

इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी योगदान दे सकता है। गैस, अपच या भारीपन जैसी समस्याओं में इसका सीमित मात्रा में सेवन राहत दे सकता है।

शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार

शहद और काली मिर्च का मेल शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है। नियमित और संतुलित सेवन से शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस कर सकता है।

हालांकि, ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी घरेलू नुस्खे का अत्यधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इस मिश्रण को सीमित मात्रा में ही लें। यदि आपको किसी प्रकार की एलर्जी या पुरानी बीमारी है, तो इसे अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।