अगर आप लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीना चाहते हैं तो योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लीजिए। नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को लचीला और ऊर्जावान बनाता है, बल्कि हृदय को भी सशक्त करता है। बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता ने दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में योग एक सरल, सुरक्षित और प्रभावी उपाय बनकर उभरता है।
साल 2025 में European Journal of Cardiovascular Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि नहीं करते, उनकी तुलना में वे लोग जो प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करते हैं, उनकी हृदय-स्वास्थ्य स्थिति बेहतर पाई गई। नियमित योग से हार्ट रेट संतुलित रहती है, हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है और तनाव का स्तर घटता है। गहरी और नियंत्रित श्वास तकनीक के माध्यम से रक्तचाप पर सकारात्मक असर पड़ता है, जिससे हृदय प्रणाली अधिक कुशलता से कार्य करती है।
आइए जानते हैं ऐसे 5 प्रभावी योगासन, जिन्हें रोज करने से दिल को मजबूत बनाया जा सकता है।
1. ताड़ासन (पर्वत मुद्रा)ताड़ासन देखने में सरल जरूर है, लेकिन इसके फायदे गहरे हैं। यह आसन शरीर की मुद्रा (पोश्चर) को सुधारता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है। जब सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है, तो रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे हृदय को काम करने में आसानी होती है।
कैसे करें:दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। जांघों को हल्का कसें और घुटनों को ऊपर की ओर खींचें। रीढ़ को सीधा रखते हुए कंधों को पीछे ले जाएं। ठुड्डी जमीन के समानांतर रखें। 5–8 गहरी सांस लेते हुए इस मुद्रा में स्थिर रहें।
2. अधो मुख श्वानासनयह आसन पूरे शरीर को सक्रिय करता है। इससे ऊपरी और निचले अंगों में खिंचाव आता है और रक्त संचार बेहतर होता है। थोड़ी देर इस स्थिति में रहने से हृदय की धड़कन नियंत्रित रूप से बढ़ती है, जो कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के लिए लाभकारी है।
कैसे करें:हाथों और घुटनों के बल आएं। पैर की उंगलियों को अंदर की ओर मोड़ें और कूल्हों को ऊपर उठाएं। शरीर को उल्टे ‘V’ आकार में लाने की कोशिश करें। एड़ियों को जमीन की ओर दबाएं और हथेलियों से फर्श पर दबाव बनाएं। 30–60 सेकंड तक गहरी सांस लेते रहें।
3. उत्थिता त्रिकोणासनयह आसन छाती को फैलाता है और फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन लेने में मदद करता है। साथ ही पैरों और रीढ़ को मजबूती देता है। बेहतर रक्त प्रवाह के कारण हृदय को पर्याप्त पोषण मिलता है।
कैसे करें:पैरों को फैलाकर खड़े हो जाएं। दाहिने पैर को 90 डिग्री बाहर घुमाएं। दोनों हाथों को कंधे की सीध में फैलाएं। धीरे-धीरे दाहिने हाथ को पिंडली या टखने तक ले जाएं और बायां हाथ ऊपर की ओर उठाएं। नजर ऊपर रखें। 5–8 सांसों तक रुकें, फिर दूसरी ओर दोहराएं।
4. सेतु बंध सर्वांगासनयह आसन दिल को हल्के तरीके से सक्रिय करता है और नसों में रक्त प्रवाह को सुधारता है। इससे छाती खुलती है और थायरॉयड ग्रंथि को भी लाभ मिलता है, जो मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा संतुलन में सहायक है।
कैसे करें:पीठ के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़ें और पैरों को कूल्हों की चौड़ाई पर रखें। धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं। चाहें तो कमर के नीचे योगा ब्लॉक का सहारा लें। कंधों को ढीला छोड़ें और छाती को ऊपर उठाएं। 1–2 मिनट तक सामान्य सांस लेते रहें।
5. विपरीत करणीयह एक आरामदायक लेकिन बेहद प्रभावी आसन है। इससे रक्तचाप नियंत्रित होता है, पैरों की सूजन कम होती है और हृदय को आराम मिलता है। यह आसन तनाव और थकान दूर करने में भी मददगार है।
कैसे करें:दीवार के पास बैठें और करवट लेकर लेट जाएं। पैरों को दीवार के सहारे ऊपर सीधा रखें। हाथों को शरीर के बगल में ढीला छोड़ दें। आंखें बंद कर 3–5 मिनट तक गहरी सांस लें।
योग के साथ रखें इन बातों का ध्यान- रोज कम से कम 30 मिनट योगाभ्यास करें।
- शुरुआत में विशेषज्ञ की निगरानी में आसन सीखें।
- अगर पहले से दिल की बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- योग के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
नियमित और सही तरीके से किया गया योग हृदय को मजबूत बनाने के साथ-साथ पूरे शरीर को संतुलित रखता है। यह न केवल बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। इसलिए आज से ही योग को अपनाएं और अपने दिल को स्वस्थ रखने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाएं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।