बच्चों की बेहतर ग्रोथ और तेज दिमाग के लिए अपनाएं ये 3 आसान योगासन, खेल-खेल में होंगे फिट

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जहां बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी स्क्रीन और बैठने वाली आदतों के शिकार हो रहे हैं, वहां योग और नियमित व्यायाम की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। शारीरिक सक्रियता केवल ताकत बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने, शरीर की सही वृद्धि और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बचपन में डाली गई स्वस्थ आदतें जीवनभर काम आती हैं। योग बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके दिमागी विकास, एकाग्रता और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है। हालांकि छोटे बच्चों को लंबे समय तक एक जगह बैठाकर योग करवाना आसान नहीं होता। ऐसे में ऐसे आसनों का चयन जरूरी है, जिन्हें वे खड़े होकर या मजेदार अंदाज में कर सकें।

बच्चों के लिए कौन से योगासन हैं फायदेमंद?

आयुष मंत्रालय (Ministry of Health) की ओर से बच्चों के लिए कुछ सरल और प्रभावी योगासन सुझाए गए हैं। इनमें प्रमुख हैं – ताड़ासन, वृक्षासन और पर्वतासन। इन आसनों की खासियत यह है कि इन्हें खेल की तरह कराया जा सकता है, जिससे बच्चे बोर भी नहीं होते और नियमित अभ्यास भी कर लेते हैं।

1. ताड़ासन: लंबाई और मजबूती के लिए

ताड़ासन देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन यह पूरे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस आसन को करने से पैरों, टखनों और पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नियमित अभ्यास से शरीर का पोश्चर सुधरता है और लंबाई बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

ताड़ासन कंधों और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में सहायक है। इससे शरीर की जकड़न कम होती है और रक्त संचार बेहतर होता है। बढ़ते बच्चों के लिए यह आसन बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह उनके शारीरिक ढांचे को संतुलित और मजबूत बनाता है।

2. वृक्षासन: संतुलन और एकाग्रता बढ़ाने के लिए


वृक्षासन में शरीर को एक पैर पर संतुलित रखते हुए दूसरे पैर को जांघ पर टिकाया जाता है, जिससे शरीर पेड़ के आकार जैसा दिखाई देता है। शुरुआत में यह आसन बच्चों को थोड़ा चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से उनका संतुलन बेहतर होने लगता है।

यह आसन पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ को स्थिरता देता है। साथ ही, संतुलन बनाने की प्रक्रिया बच्चों की एकाग्रता और मानसिक स्थिरता को भी बढ़ाती है। स्कूल बैग के बोझ और लंबे समय तक बैठने से होने वाली थकान को कम करने में भी यह आसन सहायक है।

3. पर्वतासन: ताकत और पाचन सुधार के लिए

पर्वतासन बच्चों को खासतौर पर पसंद आता है, क्योंकि इसमें शरीर को पहाड़ की आकृति देनी होती है। इस आसन के दौरान हाथ और पैरों पर शरीर का भार पड़ता है, जिससे दोनों में मजबूती आती है।

पर्वतासन रीढ़ की लचक बढ़ाने और कंधों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को सक्रिय करने में भी सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से बच्चों की भूख सुधरती है और उन्हें भोजन से बेहतर पोषण मिलता है।

क्यों जरूरी है नियमित अभ्यास?

इन तीनों आसनों को बच्चों की दिनचर्या में शामिल करना बेहद लाभकारी हो सकता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को दबाव के बजाय प्रेरणा और उत्साह के साथ योग की ओर बढ़ाएं। यदि योग को खेल या पारिवारिक गतिविधि की तरह किया जाए, तो बच्चे इसे अधिक रुचि से अपनाते हैं।

योगासन न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाते हैं, बल्कि मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। बचपन से ही सही आदतें अपनाने से बच्चों की ग्रोथ संतुलित रहती है और वे शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाते हैं।