
जहां एक तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया भर में कहर बरपा रहा है वहीं दूसरी तरफ कोरोना से भी खतरनाक एक एक रहस्यमयी बीमारी अफ़्रीकी देश इथियोपिया में लोगों की जान ले रही है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इथियोपिया के सोमाली में रहस्यमयी बीमारी से अब तक 15 लोगों के मरने की बात कही जा रही है। हालांकि, अब तक इस आंकड़े की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीमारी से संक्रमित इंसान के पहले नाक और मुंह निकलता है और फिर आंखें पीली हो जाती है। इसके बाद उनकी मृत्यु हो जा रही है। लोगों का कहना है कि पहले पीड़ितों की आंखें पीली हो रही है और बुखार आने से पहले पूरे शरीर में सूजन आ जाती है। इसके बाद अचानक आंख और मुंह से खून आता है और फिर उनकी मृत्यु हो जा रही है। इसके अलावा इस अज्ञात बीमारी के अन्य लक्षणों में हथेलियां पीली हो जाना, भूख ना लगना और नींद न आना भी शामिल हैं। वहीं अब तक अधिकारियों ने इथियोपिया क्षेत्र में स्वास्थ्य और पर्यावरण संकट के आरोपों से इनकार किया है।

Guardian की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोग इस रहस्यमयी बीमारी के पीछे चीनी तेल ड्रिलिंग से निकल रहे टॉक्सिक वेस्ट को जिम्मेदार बता रहे हैं। इस बीमारी का असर भी सबसे ज्यादा सोमाली में एक गैस परियोजना के पास के गांवों में दिखाई दिया है। सोमाली क्षेत्रीय सरकार के एक सलाहकार का दावा है कि यह एक नई बीमारियों में से एक हैं। यह सोमाली इलाके में पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने साफ कहा कि चीन की कंपनी POLY-GCL उन रसायनों का उपयोग करता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
बताया जा रहा है कि यह किस तरह की बीमारी है और इसके पीछे कारण क्या है इसका बात को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है। लोगों को संदेह है कि यह सब रासायनिक कचरे के कारण हुआ यहां की जल आपूर्ति को बर्बाद कर दिया है।
जिगजिगा निवासी खादर आब्दी अब्दुल्लाही की इस रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई। उनके परिवार वालों ने इस महामारी के लिए कैलुब (गैस क्षेत्र) को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि यहां से निकलने वाले विषाक्त पदार्थ लोगों की जान ले रहा है।














