
पॉक्सो कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अखिलेश कुमार ने एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी प्रमोद को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास से दंडित किया है। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक शिवप्रकाश भाटी ने बताया कि मामले के अनुसार 13 अप्रैल 2016 को परिवादी ने रातानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी 6 साल की नाबालिग पुत्री के साथ आरोपी प्रमोद ने दुष्कर्म किया।
पुलिस ने जांच कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास से दंडित किया। बीस हजार का जुर्माना नहीं चुकाने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।














