
उत्तर प्रदेश के विंध्याचल के शिवपुर रामगया घाट पर मंगलवार की सुबह नाव डूबने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार नाव पर लगभग डेढ दर्जन लोग सवार थे। नाव में सवार सभी स्थानीय महिलाएं और लड़कियां थींं जो नाव से गंगा के दूसरे छोर पर मटर तोड़ने जा रही थींं। नाव नदी की धारा में पहुंचने के साथ ही जबतक लोगों को कुछ समझ आता तब तक नाव पानी में डूबने लगी। नाव से जान बचाने के लिए महिलाएं और युवतियां नदी में कूद गईं। इस घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ के साथ पुलिस की टीम भी जाल सहित मौके पर पहुंच गई। हालाकि, पुलिस और एनडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही सभी सुरक्षित तरीके से नदी से बाहर आ गए।
खेतों में आने जाने के लिए नाव का ही सहारा
स्थानीय लोगों के अनुसार आस-आस के कई लोगों के खेत नदी के उस पार होने की वजह से लोग अक्सर खेतों में आने जाने के लिए नदी में नाव का ही सहारा लेते रहे हैं। इन दिनों सब्जियों की उपज हर दूसरे दिन तोड़ने के लिए ग्रामीण अक्सर सुबह नाव से नदी पार कर सब्जियां लाने जाते हैं। विंध्याचल क्षेत्र के शिवपुर रामगाय घाट क्षेत्र से दर्जन भर से अधिक महिलाएं और युवतियां नदी के दूसरे छोर पर नित्य सब्जियां तोड़ने जाती है। हादसे के बाद वाहन मौजूद महिलाओं के अनुसार फसल के लिए उनको नदी पार कर जाने की मुसीबत झेलनी पड़ती है। इसी वजह से घर के काम निबटाकर नदी के उसपार खेती के लिए जाती हैं। इन दिनों खेत में मटर की फसल लगी होने से सभी तैयार मटर की फलियां तोड़ने के लिए जाती हैं। मंगलवार की सुबह भी मटर तोड़ने के लिए सभी नाव पर सवार होकर निकल ही रही थीं कि घाट से कुछ ही दूरी पर नाव में पानी भरने से वह डूब गई।














