अलीगढ़ कांड पर देश उबल रहा है, 10 हजार रु कर्ज के विवाद में 2 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के बाद सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने एसआईटी बना दी है जो जांच करेगी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि पुलिस अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ेगी। मामला फास्टट्रैक कोर्ट में जाएगा और पीड़ितों को इंसाफ मिले इसके लिए पूरी कोशिश की जाएगी। वहीं सीएमओ ने कहा कि पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि नहीं हुई है।
घटना अलीगढ़ जिले के टप्पल की है। बच्ची का शव 2 जून को घर के पास क्षत-विक्षत हालत में कूड़े के ढेर में मिला था। उसका एक हाथ गायब था और आंखे बाहर निकली हुई थीं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
अलीगढ़ के सीएमओ एमएल अग्रवाल ने कहा कि तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था जिसमें एक महिला डॉक्टर भी शामिल थीं। इस पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई थी। वैसे तो रेप की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन फिर भी एक अन्य जांच के लिए सैंपल पुलिस को दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि चूंकि करीब चार दिन बच्ची की लाश को छुपा कर रखा गया था इसलिए शरीर गल गया, डिकंपोज होने के कारण शरीर फूल गया और फटने लगा। इसी वजह से लगा होगा कि तेजाब डाला गया है लेकिन बच्ची के ऊपर तेजाब जैसी कोई बात रिपोर्ट में नहीं है। आंख निकाल लिए जाने के सवाल पर सीएमओ ने कहा कि बच्ची की आखें नहीं निकाली गईं थीं। रिपोर्ट के मुताबिक आंख के सॉफ्ट टिशूज़ गायब हैं जो चार दिल तक लाश को छिपाने के कारण हुए हैं। आंख गायब नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ, बल्कि दम घुटने की वजह से उसकी मौत हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जाहिद ने बच्ची के दादा से 50 हजार रुपए उधार लिए थे। इनमें से 10 हजार बकाया थे, पैसे नहीं देने पर 28 मई को जाहिद की दादा के साथ कहासुनी हुई। उसने परिवार से बदला लेने की धमकी दी थी। इसके बाद 30 मई को जाहिद ने बच्ची का अपहरण किया और हत्या कर साथी असलम की मदद से शव को ठिकाने लगाया।
रासुका और पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई
एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में हत्या की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं। बाल अपराध से जुड़ा पॉक्सो एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि आरोपी जाहिद और असलम के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने का प्रयास करेंगे। घटना के बाद 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
एसआईटी का गठन
इस मामले की जांच के लिए एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में एक स्पेशन इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। फॉरेन्सिक साइन्स टीम, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और अन्य एक्सपर्ट भी टीम में होंगे ताकि जांच जल्द से जल्द हो। इस मामले में आरोपियों पर पोस्को की धाराएं भी लगाई जाएंगी। एसएसपी ने बताया कि छह सदस्यों की टीम में एसपीआरए, सीओ खैर और चार विवेचक शामिल हैं जिनमें एक महिला निरीक्षक भी हैं।
मां का दर्द- बेटी के साथ ऐसा क्यों किया?
बच्ची की मां ने न्यूज एजेंसी से कहा, ''एक सफाईकर्मी की सूचना पर मौके पर पहुंचे तो देखा कि बेटी के शरीर से एक हाथ गायब था, एक पैर भी टूटा हुआ था। उसकी आंखें एसिड से जलाई गई थीं। न जाने क्यों उन्होंने (आरोपियों) बेटी के साथ ऐसा किया। हम चाहते हैं कि आरोपियों को मौत की सजा मिले। नहीं तो वे 7 साल बाद जेल से छूटकर फिर ऐसा दुस्साहस करेंगे। आरोपियों के परिवार के लोगों को भी गिरफ्तारी होनी चाहिए।''
योगी के मंत्री बोले- ऐसी घटना होती रहती हैं
उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने टप्पल हत्याकांड पर कहा कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन, उसके बाद सरकार सख्ती से काम करती है। यही कारण है कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ कम हुआ है।
घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, अभिनेता आयुष्मान खुराना जैसी तमाम हस्तियों ने रोष प्रकट किया है।
The horrific murder of a little girl in Aligarh, UP has shocked and disturbed me. How can any human being treat a child with such brutality? This terrible crime must not go unpunished. The UP police must act swiftly to bring the killers to justice.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 7, 2019














