
कोटा शहर में प्राॅपर्टी विवाद जानलेवा साबित हो रहे हैं। बुधवार दोपहर एक युवक को प्राॅपर्टी विवाद के चलते आधा दर्जन बदमाशों ने मारपीट की। वो उसे तब तक पीटते रहे, जब तक उसके हाथ-पैर नहीं टूट गए। युवक को आईसीयू में भर्ती करवाना पड़ा है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। इधर, पुलिस को फिलहाल परिजनों ने रिपोर्ट नहीं दी हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में पुलिस को पीड़ित रिपोर्ट देगा तो उसकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी हैं। जानकारी के अनुसार कुन्हाड़ी थाना इलाके में बुधवार को अज्ञात बदमाशों ने आरकेपुरम निवासी भरतराज पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में भरतराज के हाथ-पैर टूट गए। गंभीर रूप से घायल हुए भरतराज को एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया।
पीड़ित का दोस्त नरेश प्रजापति का कहना हैं कि मैं, दीपक, मनीष, भरतराज व दो-तीन अन्य दोस्त हैं और हमने कुन्हाड़ी में भूखंड खरीदा है। हमने जब भूखंड खरीदा था, उस वक्त करीब दो माह पहले भी हमें धमकियां मिली थी। उस वक्त हम पुलिस के पास गए थे और पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा दिया और राजीनामा करवा दिया। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को भी हम दोस्त इस भूखंड पर कामकाज देखने गए थे। भरतराज वहां से गुटखा खरीदने के लिए गए और वापस आ रहे थे। इस दाैरान हमें गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। जब हम वहां गए तो भरतराज वहां एक तरफ पड़ा था। उसके साथ मारपीट भी की गई थी।
डीएसपी भगवत सिंह हिंगड ने बताया कि फायरिंग की बात सही नहीं हैं, पुलिस को मौके से फायरिंग के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अस्पताल में पीड़ित के बयान लेने का प्रयास किया है और परिजनों से भी रिपोर्ट देने को कहा है। लेकिन, परिजनों ने फिलहाल हमें कोई रिपोर्ट नहीं दी है इसलिए केस दर्ज नहीं हो सका। परिजन रिपोर्ट देने से पहले लीगल ऑपीनियन लेना चाहते है और वे स्वतंत्र हैं। पहले भी इसी तरह परिवार ने कार्रवाई नहीं चाहने बाबत लिखकर दिया था। इसलिए कार्रवाई ड्राप की गई होगी। राजीनामे जैसी कोई बात नहीं हैं। युवक से मारपीट की वारदात हुई है। इसलिए पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है।














