जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama) में हुए आतंकी हमले के बाद से ही देश में गुस्से का माहौल है। इस बीच मंगलवार को पुलवामा मुठभेड़ के बाद श्रीनगर में सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को साझा प्रेस कॉन्फेंस की और शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी सेना का ही बच्चा है और पाकिस्तानी सेना का इस हमले में पूरा-पूरा हाथ है। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि घाटी में अगर आतंकी सरेंडर नहीं करते हैं तो वे सभी मारे जाएंगे। सेना ने कहा कि 100 घंटे के अंदर जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों को मार गिराया है। कश्मीर में जैश के सभी टॉप कमांडर ढेर हो गए। सेना ने कहा, 'पुलवामा आतंकवादी हमले के 100 घंटे से भी कम समय में हमने घाटी में जैश के नेतृत्व को समाप्त कर दिया, जिसे पाकिस्तान से JeM द्वारा संभाला जा रहा था।'
कंवल जीत सिंह ढिल्लन, चिनार कॉर्प्स, भारतीय सेना के कोर कमांडर ने कहा, 'जिसने भी बंदूक उठाई, उसे मार दिया जाएगा या समाप्त कर दिया जाएगा।' उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान और ISI का हाथ है। जैश को आईएसआई हैंडल करता है। जैश पाकिस्तानी सेना का बच्चा है।उन्होंने कहा, 'मैं लोगों से ऑपरेशन के दौरान और बाद में मुठभेड़ स्थल से दूर रहने के लिए अनुरोध करता हूं। यह उनकी अपनी सुरक्षा के लिए है।'
बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतंकी बने युवाओं के माता पिता से अपील भी की कि आतंकी बने अपने बच्चों से सरेंडर करने को कहें। साथ ही आम लोग एनकाउंटर की जगह से दूर रहें।
Zulfiquar Hasan, CRPF: Our helpline-14411 has been helping Kashmiris across the country in wake of this attack.Lot of Kashmiri students have approached this helpline for help all over the country. All Kashmiri children studying outside have been taken care of by security forces. pic.twitter.com/YVfeziJiG9
— ANI (@ANI)
ढिल्लन ने कहा, 'कश्मीर में मां की बड़ी भूमिका है। मैं कश्मीर की माताओं से अनुरोध करूंगा कि कृपया अपने बेटों से सरेंडर करने का अनुरोध करें जो आतंकवाद में शामिल हो गए हैं। जिसने भी बंदूक उठाई है उसे मार दिया जाएगा और खत्म कर दिया जाएगा, अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करता तो।'
लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा, 'गाजी जैसे कई आतंकवादी आए और गए, हम उन सभी को खत्म कर देंगे। कश्मीर में घुसने वाले हर आतंकवादी को मार गिराया जाएगा।' ढिल्लन ने कहा, '14 फरवरी को पुलवामा में जिस प्रकार का कार बम हमला हुआ, वह कश्मीर में लंबे समय के बाद हुआ। इस प्रकार के हमलों से निपटने के लिए हम सभी विकल्प खुले रखेंगे।'
सीआरपीएफ के जुल्फिकार हसन ने कहा, 'हमारी हेल्पलाइन- 14411 इस हमले के मद्देनजर पूरे देश में कश्मीरियों की मदद कर रही है। कश्मीरी छात्रों में से ज्यादातर ने पूरे देश में इस हेल्पलाइन के लिए संपर्क किया है। बाहर पढ़ने वाले सभी कश्मीरी बच्चों की सुरक्षा बलों द्वारा देखभाल की गई है।'
वहीं IGP कश्मीर एसपी पानी ने कहा, 'भर्ती में महत्वपूर्ण गिरावट है, हमने पिछले तीन महीनों में कोई भर्ती नहीं देखी है। परिवार इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। हम परिवारों और समुदाय से आग्रह करना चाहते हैं कि वे भर्ती रोकने में भाग लें।' एसपी पानी ने कहा, 'पुलवामा हमले का ब्योरा अभी जांच के डोमेन में है, जैसे ही जांच खत्म होगी हम इसे सार्वजनिक डोमेन पर लाएंगे।'
उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा की वजह से हमारे ज्यादा जवान शहीद हो रहे हैं। सोमवार को हुई मुठभेड़ में जैश का टॉप कमांडर कामरान मारा गया, वही पुलवामा का मास्टरमाइंड था। कामरान को लगातार ISI से निर्देश मिल रहे थे। सेना ने कश्मीरी मांओं से कहा कि वो अपने बच्चों से कहें कि वो सरेंडर करें। हम नहीं चाहते कि बेगुनाह लोग मारे जाए।
सेना ने सोमवार के एनकाउंटर को लेकर कहा कि कल तीन आतंकवादी मारे गए थे। वहीं सेना ने कहा कि आतंकियों की भूमिका की जांच जारी रहेगी। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त प्रेस वार्ता की और इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने सौ घंटे के भीतर घाटी से जैश-ए-मोहम्मद का खात्मा कर दिया है। अगर, कोई भी जो बंदूक उठाएगा, वह मारा जाएगा। सुरक्षाबलों ने कहा कि हमारी सरेंडर पॉलिसी काफी बेहतर है, इसलिए यही सही रास्ता होगा, जिनके बच्चे रास्ता भटक गए हैं। अगर कोई सरेंडर नहीं करता है तो हम बंदूक उठाने वाले को मार देंगे। प्रेस वार्ता के दौरान CRPF के IGP ज़ुल्फिकार हसन ने कहा, "पुलवामा हमले के बाद हमारी हेल्पलाइन 14411 देशभर में कश्मीरियों की मदद कर रही है... बहुत-से कश्मीरी विद्यार्थियों ने हेल्पलाइन से संपर्क किया है..."
वहीं, कश्मीर के IGP एसपी पाणि ने कहा कि (आतंकी गुटों में) भर्तियों में खासी गिरावट आई है।।। हमने पिछले तीन महीनों में कोई नई भर्ती नहीं देखी। इसमें परिवारों की महती भूमिका रही है। आतंकी गुटों की भर्तियों में जो कमी आई है, उसमें स्थानीय लोगों और परिवारों का बहुत बड़ा हाथ है। भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केएस ढिल्लों ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बारे में कहा कि "हमारे पास हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों के बारे में सुराग हैं, लेकिन तफ्तीश जारी होने की वजह से विस्तार से नहीं बताया जा सकता।"
गौरतलब है कि गुरुवार को सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। इस काफिले में करीब 78 गाड़ियां थीं और 2500 जवान शामिल थे। उसी दौरान बाईं ओर से ओवरटेक कर विस्फोटक से लदी एक कार आई और उसने सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी। आतंकवादी ने जिस कार से टक्कर मारी थी, उसमें करीब 60 किलो विस्फोटक थे। इसकी वजह से विस्फोट इतना घातक हुआ कि इसमें 40 जवान शहीद हो गए। इस घटना पर पीएम मोदी ने सीधे तौर पर कहा है कि आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं और अब उन्हें इसका अंजाम भी भूगतना होगा।














