
पिछले एक महीने में पाकिस्तानी करेंसी दुनिया में सबसे ज्यादा कमजोर हो गई है जिसके चलते पाकिस्तान में आम आदमी की मुश्किलें रोज़ाना बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में महंगाई दर 8.82 फीसदी से बढ़कर 9.11 फीसदी हो गई है। ईद से पहले आम जरुरत की चीजों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मई में थोक मूल्य सूचकांक की महंगाई 1.43 फीसदी और संवेदनशील मूल्य सूचकांक 0.78 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
पिछले नौ महीनों में पाकिस्तान पर क़र्ज़ का बोझ 28 हज़ार अरब रुपए को पार कर गया है और महंगाई दो गुनी हो गई है। अगले वित्तीय वर्ष में महंगाई की दर 12 फ़ीसदी होगी और पाकिस्तान 'स्टेट इनफ्लेशन में दाख़िल हो चुका है।पाकिस्तान में शेयर बाज़ार की हालत भी बहुत ख़राब है। अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तान स्टॉक मार्केट के सीईओ रिचर्ड मूरन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनके तीन साल के कार्यकाल में अभी कुछ वक़्त बाक़ी था लेकिन उन्होंने पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया। अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि आर्थिक संकट से निकलने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पिछले हफ़्ते पेट्रोल की क़ीमत चार रुपए 26 पैसे, डीज़ल में चार रुपए 50 पैसे और मिट्टी के तेल की कीमत एक रुपए 69 पैसे बढ़ा दी गई। पाकिस्तान में पेट्रोल अब 112 रुपए 68 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है।
सालाना आधार पर मई में प्याज के दाम 77.52 फीसदी, पत्ता गोभी 74.87 फीसदी, तरबूज 55.73 फीसदी, लहसुन 49.99 फीसदी, टमाटर 46.11 फीसदी और नींबू 43.46 फीसदी तक महंगी हुई। इसके अलावा मूंग दाल 33.65 फीसदी, आम 28.99 फीसदी, चीनी 26.53 फीसदी, मटन 12.04 फीसदी तक बढ़े। ईंधन में गैस के दाम में 85.31 प्रतिशत पेट्रोल 23.63 प्रतिशत हाई स्पीड डीजल की कीमत में 23.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बस का किराया 51.16, बिजली 8.48 और मकान किराये में 6.15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
हालाकि, सरकार बार-बार कह रही है कि ये परेशानी केवल कुछ समय के लिए है और दो महीन के बाद हालात में सुधार होगा। लेकिन विपक्ष का कहना है कि आम आदमी इस मंहगाई को झेल रहा है और सरकार को समझ में नहीं आ रहा है कि इस पर कैसे क़ाबू पाया जाए।














