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  • बिहारः चमकी बुखार ने ली 83 मासूम बच्चो की जान, मुजफ्फरपुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

बिहारः चमकी बुखार ने ली 83 मासूम बच्चो की जान, मुजफ्फरपुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

By: Pinki Sun, 16 June 2019 10:10 AM

बिहारः चमकी बुखार ने ली 83 मासूम बच्चो की जान, मुजफ्फरपुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

बिहार में चमकी बुखार यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम का कहर जारी है और अब तक इस बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। जिला प्रशासन ने मृत बच्चों की संख्या के आंकड़े जारी किए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के परिवार को 4 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्राशसन और डॉक्टरों को इस बीमारी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर पहुंच गए हैं। वह आज बिहार में एक्यूट इंसिफेलाइटिस सिंड्रोम या चमकी बुखार के बढ़ रहे मामलों जानकारी और मौजूदा हालात की समीक्षा करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।

इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर जिले में हुआ है और इसीलिए डॉ हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर भी जायेंगे। उनके इस दौरे के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इससे पहले कल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों को लेकर बेतुका बयान दे डाला। बच्चों की मौत से बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि बच्चों की मौत के लिए नियति और मौसम जिम्मेदार है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे 14 जून को मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में मरीजों का हालचाल जानने गए थे।

क्या है चमकी बुखार

एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है और शरीर में ऐंठन होती है। इसके बाद बच्चे बेहोश हो जाते हैं। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।

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प्रचंड गर्मी और लू का कहर, 40 लोगों की मौत

वही दूसरी तरफ प्रचंड गर्मी और लू के चलते बिहार में शनिवार तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक अब तक मरने वाले 40 लोगों में से 14 गया से और 26 लोग औरंगबाद से हैं। नवादा के डीएम कौशल कुमार ने हीटस्ट्रोक के कारण जिले में तीन मौतों की पुष्टि की। वहीं डिजास्टर मैनेजमेंट कंट्रोल रूम ने गया में एक मौत की पुष्टि की। कई प्रभावित लोगों को गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया है। भर्ती कराए गए लोगों में से ज्यादातर वृद्ध महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। गया के मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लू का शिकार हुए लोगों का इलाज युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी लू लगने से हुई लोगों की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की है और चार-चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है वही जो भी परिवार बीपीएल श्रेणी कै हैं उन्हें अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपए भी दिए जाएंगे। गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। 6 वरिष्ठ डॉक्टर और 10 इंटर्न को वहां तैनात कर दिया गया है।

औरंगबाद डेप्युटी डिवेलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) घनश्याम मीणा ने कहा बताया कि प्रथम दृष्टि में मौत का कारण लू लग रहा है। उन्होंने कहा, 'मृतकों के पोस्टमॉर्टम के बाद और अधिक जानकारी मिलेगी।' नवादा के डीएम कौशल कुमार ने बताया कि वहां सदर अस्पताल में शनिवार देर शाम तक गर्मी से बीमार 6 लोगों का इलाज चल रहा था।

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