शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के एक साथ आ जाने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। भले ही ये तीनों पार्टी आपस में मिलकर सरकार बना रही है लेकिन कुछ नेताओं इस गठबंधन को लेकर नाराजगी भी है। रमेश सोलंकी (Ramesh Solanki) जो की शिवसेना आईटी सेल के मेंबर है। उन्होंने मंगलवार को शिवसेना की युवा सेना की इकाई और शिवेसना से इस्तीफा दे दिया।
My Resignation
I am resigning from my respected post in BVS/YuvaSena and @ShivSena
I thank @OfficeofUT and Adibhai @AUThackeray for giving me opportunity to work and serve the people of Mumbai, Maharashtra and Hindustan <रमेश सोलंकी का कहना है कि मैं बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक हूं और 12 साल की उम्र से ही शिवसेना में हूं। 21 साल से मेरा एक ही उद्देश्य रहा है और वह है 'कांग्रेस मुक्त भारत'। मेरे ट्विटर पर डेढ़ लाख ट्वीट्स हैं, जिनमें एक लाख से ज्यादा ट्वीट राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके भ्रष्टाचार के विरोध में हैं। मैं आज उनकी तारीफ नहीं कर सकता। सोलंकी ने कहा मेरी अंतरात्मा और विचारधारा कांग्रेस (Congress) के साथ काम करने की अनुमति नहीं देती है।
Its been almost 21 years never demanded post, position, or ticket just gave my all in day and night followed my party's order till the hilt
— Ram
ShivSena made a political decision and joined hands with @INCIndia and @NCPspeaks to form govt in Maharashtraरमेश सोलंकी ने इस्तीफा देने के साथ ही अन्य मुद्दों को भी उठाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि श्री रामचंद्रजी का कोई अस्तित्व नहीं है, ऐसे लोगों के साथ मेरा बैठना नामुमकिन है। उद्धव ठाकरे जी को शुभकामनाएं, मैं दिल से हमेशा शिवसेना में ही रहूंगा।
इससे पहले सोलंकी ने ट्वीट किया कि पिछले कुछ दिनों से मेरा पक्ष जानना चाहते थे, लेकिन अब में अपनी बात साफ तरीके से कह रहा हूं। जो मेरे श्री राम का नहीं है (कांग्रेस), वो मेरे किसी काम का नहीं है। एक बार फिर प्यार और सम्मान के लिए आदित्य भाई को धन्यवाद। आपके साथ काम करने में मजा आया।














