महाराष्ट्र में गुरुवार को शाम 6:40 मिनट के बाद ठाकरे राज शुरू हो रहा है। उद्धव ठाकरे आज राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में मुंबई के शिवाजी पार्क में शपथ लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समारोह में शामिल नहीं होंगी लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस असाधारण परिस्थितियों में एक साथ आई हैं। तीनों पार्टियां ऐसे समय साथ आईं जब देश को बीजेपी से अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि हमने एक कॉमन प्रोग्राम पर सहमति भरी है और मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम तीनों इसमें मौजूद सभी बिंदुओं को लेकर जुड़े कार्यक्रमों को लागू करेंगे। महाराष्ट्र के लोग भी उम्मीद करते हैं कि हम एक पारदर्शी, जिम्मेदार, सक्रिय सुशासन देंगे और हम सब मिलकर यह संभव करेंगे। सोनिया गांधी ने शपथ ग्रहण में नहीं पहुंच पाने के लिए खेद भी जताया है। उन्होंने लिखा है कि मुझे खेद है कि मैं समारोह में उपस्थित नहीं हो पाउंगी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने लिखा है कि राजनीतिक वातावरण जहरीला हो चुका है। अर्थव्यवस्था चौपट है, किसानों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
Rahul Gandhi in a letter to Uddhav Thackeray: I am glad that Maharashtra Vikas Aghadi has come together to defeat the BJP's attempt to undermine our democracy. I regret that I am unable to be present at the function https://t.co/aa2JQCNMex pic.twitter.com/aGxGvjQaEj
— ANI (@ANI)
जिन लोगों को निमंत्रण दिया गया है, उनमें प्रमुख शख्सीयतों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, सभी राष्ट्रीय पार्टियों के नेता, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, न्यायपालिका, पुलिस और रक्षा अधिकारी और खेल, उद्योग व फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा किसान भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
शपथ समारोह के बाद उद्धव ठाकरे रात 8 बजे सहयाद्री गेस्ट हाउस में पहली कैबिनेट बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि उद्धव बतौर मुख्यमंत्री पहला फैसला किसानों की कर्जमाफी का ले सकते हैं। इसके साथ ही फसलों की बीमा योजना के रिव्यू का निर्णय भी लिया जा सकता है। गठबंधन की प्रेसवार्ता में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा- सरकार संकट से जूझ रहे किसानों के हक में फैसला लेगी। नाहर रिफाइनरी और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर कैबिनेट मीटिंग में चर्चा होगी। हम ऐसा कानून बनाएंगे, जिससे राज्य में आने वाली नई कंपनियों में 80% रोजगार के मौके महाराष्ट्र के मूल निवासियों के लिए आरक्षित हों।














