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Lok Sabha Election 2019: 7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, मतदान के बाद सभी को मिलेगी पर्ची, 17 बड़ी बातें

By: Pinki Sun, 10 Mar 2019 6:58 PM

Lok Sabha Election 2019: 7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, मतदान के बाद सभी को मिलेगी पर्ची, 17 बड़ी बातें

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी है कि लोकसभा चुनाव आगामी 11 अप्रैल से कुल सात चरणों में संपन्न होगा। अरोड़ा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 11, 18, 23 अप्रैल और छह, 12, 19 मई को होंगे। वहीं नतीजे 23 मई घोषित किए जाएंगे। रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान करनेवालों की संख्या लगभग 90 करोड़ होगी। उन्होंने आगामी चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि इस बार लगभग 10 लाख मतदान केंद्र होंगे, जो 2014 के आम चुनाव में रहे नौ लाख से अधिक है। कुल मतदाताओं में 1.50 करोड़ मतदाता 18-19 साल उम्र के होंगे। उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए एक बहुत ही व्यापक तैयारी की है।" मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव आयुक्तों अशोक लवासा और सुशील चंद्रा के साथ संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहली बार सोशल मीडिया को लेकर भी आचार संहिता लागू की गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारियों को इस पर आयोग को रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है। आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही देश में चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है। चुनाव आचार संहिता चुनाव आयोग के बनाए वो नियम हैं, जिनका पालन हर पार्टी और हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है। इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा हो सकती है। चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। FIR हो सकती है और उम्मीदवार को जेल भी जाना पड़ सकता है।

ये हैं चरणवार चुनाव की तिथियां


पहला चरण - 11 अप्रैल, 91 सीट, 20 राज्य

दूसरा चरण - 18 अप्रैल, 97 सीट, 13 राज्य

तीसरा चरण - 23 अप्रैल 115 सीट, 14 राज्य

चौथा चरण - 29 अप्रैल 71 सीट, 09 राज्य

पांचवां चरण - 06 मई 51 सीट 07 राज्य

छठवां चरण - 12 मई 59 सीट 7 राज्य

सातवां चरण - 19 मई 59 सीट, 08 राज्य

- 17वीं लोकसभा का चुनाव सात चरण में, 11 अप्रैल से 19 मई के बीच कराने का फैसला किया है। सातों चरण के मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी।

- पहले चरण के लिये 11 अप्रैल को होने वाले मतदान की अधिसूचना 18 मार्च को जारी की जायेगी। 2014 में 16वीं लोकसभा का चुनाव नौ चरण में कराया गया था।

- दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल, तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल, चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल, पांचवें चरण का मतदान छह मई, छठवें चरण का मतदान 12 मई और सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा।

- 23 मई को मतगणना के आधार पर चुनाव परिणाम घोषित होगा। समूची चुनाव प्रक्रिया 27 मई को सम्पन्न करने का लक्ष्य तय किया गया है।

- जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनावों के साथ नहीं होंगे। फेक न्यूज और हेट स्पीच पर कंट्रोल करने केलिए सोशल मीडिया से अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर कैंपेनिंग का खर्चा भी जोड़ा जाएगा।

- सभी सोशल मीडिया को इस दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के विज्ञापन को जारी करने के लिए जानकारी देनी होगी। स्वीकृति मिलने के बाद ही वह ऐसा कर सकते हैं। गूगल और एफबी को भी ऐसे विज्ञापन दताओं की पहचान करने के लिए कहा गया है।

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- पेड न्यूज पर कार्रवाई के लिए हर तैयारी की गई है। मीडिया एक्सपर्ट को भी चुनाव आयोग ने तैयार किया है जो इस तरह की न्यूज पर नजर रखेंगे।

- सभी बूथ पर सीसीटीवी कैमरा होगा। मतदाताओं तक पहुंचने के लिए हर तरह की कोशिश की गई है।

- मतदान के बाद सभी को मिलेगी पर्ची। एक ऐप भी लांच होगा जिसकी मदद से कोई भी मतदाता किसी भी नियम उल्लंघन को कैमरे में कैद कर सीधे हमें भेजा सकेगा।

- चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। केंद्र सरकार हो या किसी भी प्रदेश की सरकार, न तो कोई घोषणा कर सकती है, न शिलान्यास, न लोकार्पण कर सकते हैं। सरकारी संसाधनों का किसी भी तरह चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यहां तक कि कोई भी सत्ताधारी नेता सरकारी वाहनों और भवनों का चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन भी नहीं किया जाता है, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। इस पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। उम्मीदवार और पार्टी को जुलूस निकालने या रैली और बैठक करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होती है। इसकी जानकारी निकटतम थाने में भी देनी होती है। सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को देना होती है। पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोई सरकारी भर्ती नहीं की जाएगी।

- कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकती, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े और घृणा फैले। मत पाने के लिए रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना भारी पड़ सकता है। व्यक्ति टिप्पणियां करने पर भी चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है।

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- किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार या भूमि का उपयोग नहीं किया जा सकता। मतदान के दिन मतदान केंद्र से सौ मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार पर रोक और मतदान से एक दिन पहले किसी भी बैठक पर रोक लग जाती है।

-चुनाव के दौरान यह माना जाता है कि कैंडिडेट्स शराब वितरित करते हैं, इसलिए कैंडिडेट्स द्वारा वोटर्स को शराब का वितरण आचरण संहिता द्वारा मना है।

-हेलीपैड, मीटिंग ग्राउंड, बंगले, सरकारी गेस्ट हाउस इत्यादि जैसी सार्वजनिक जगहों पर कुछ उम्मीदवारों द्वारा एकाधिकार नहीं किया जाना चाहिए। इन स्थानों को प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों के बीच समान रूप से उपयोग किया जाना चाहिए।

- लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रात 10 से सुबह छह तक बंद रखना होगा। सभी उम्मीदवारों को अपनी संपति और शिक्षा का ब्यौरा देना होगा, फॉर्म 26 भरना होगा। नाम चेक करने के लिए स्‍पेशल नंबर होगा '1950', करीब 10 लाख पोलिंग स्‍टेशन होंगे, पिछली बार 9 लाख थे।

- प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों और उनके प्रचारकों को अपने प्रतिद्वंद्वियों के जीवन का सम्मान करना चाहिए। उनके घरों के सामने सड़क शो या प्रदर्शन आयोजित करके परेशान नहीं करना चाहिए। नियम उम्मीदवारों को इसे ध्यान रखने के लिए कहता है।

- मतदान पर्यवेक्षकों के पास मतदान में किसी भी मुद्दे के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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