लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से विवाद शुरू हो गया है। विपक्ष स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए छेड़छाड़ की कोशिश का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका गांधी ने ईवीएम मशीन पर निगरानी रखने के लिए अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है। सोमवार को एक ऑडियो जारी कर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सभी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आपलोग अफ़वाहों और एग्जिट पोल से हिम्मत मत हारिये। यह अफवाहें आपका हौसला तोड़ने के लिये फैलाई जा रही है। इस बीच आपकी सावधानी और भी महत्वपूर्ण बन जाती है। स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों पर डटे रहिए और चौकन्ने रहिए।' उन्होंने कहा, 'हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी और आपकी मेहनत का फल मिलेगा।' कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने भी कहा कि सरकार ने एग्जिट पोल के आंकड़े पहले ही मंगा लिये थे। इन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी का पूरा इंतजाम कर रखा है।
प्रियंका गांधी के अलावा राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं ने भी स्ट्रॉन्ग रूम (जहां वोटिंग के बाद ईवीएम रखे गए हैं) पर निगरानी रखने के लिए कार्यकर्ताओं से अपील की है।
वहीं चुनाव आयोग ने मंगलवार को विपक्षी दलों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ''गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी में ईवीएम को लेकर जो आरोप लगाए गए वो सही नहीं हैं। जिन ईवीएम का मतदान में इस्तेमाल हुआ है वो पूरी तरह सुरक्षित हैं।''
Without any comment, an EVM video from Chandauli, UP.
— Ravi Nair (@t_d_h_nair) May 20, 2019
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गाजीपुर प्रशासन ने भी महागठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी के दावों को खारिज किया है। गाजीपुर प्रशासन ने ट्वीट कर कहा, ''ईवीएम को लेकर आशंकाएं निराधार हैं। ईवीएम 24×7 सीआईएसएफ की सुरक्षा में है। उम्मीदवारों को स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने एजेंटों को रखने की अनुमति दी गई है।'' इस ट्वीट को चुनाव आयोग ने रिट्वीट किया है। दरहसल, गाजीपुर से महागठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी ने ईवीएम बदलने का आरोप लगाते हुए कृषि मंडी के गेट के ठीक सामने अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे गए। अफजाल का आरोप है कि गाजीपुर लोकसभा के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें आती हैं। हर विधानसभा सीट की ईवीएम पांच अलग-अलग जगहों पर रखी गई हैं। अफजाल की मांग है कि हर स्ट्रांग रूम के पास दो बीएसपी के कार्यकर्ताओं के लिए पास जारी किया जाए। लेकिन प्रशासन इसकी अनुमति नहीं दे रहा है। अंसारी ने कहा कि हमें शक है कि जिला प्रशासन सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर कुछ गड़बड़ कर सकता है। इसलिए जबतक हम अपने ईवीएम मशीन की सुरक्षा के मामले में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो जाएंगे तब तक हम नहीं हटेंगे। दिन-रात एक कर हम अपनी ईवीएम मशीन का सुरक्षा करेंगे। धरने के दौरान अफजाल अंसारी की दरोगा से बहस भी हुई।
बीजेपी ने भी इसे विपक्ष की हताशा करार दिया। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने एबीपी न्यूज़ से कहा, ''ये हार तय देखकर ऐसा कर रहे हैं। मोदी को गाली देते देते अब चुनाव आयोग और ईवीएम को गाली देने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तो अपना फ़ैसला दे दिया है। प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि चुनाव आयोग ने बहुत अच्छा काम किया है। कांग्रेस और बाकी पार्टियों को कम से कम प्रणब दा की बात सुननी चाहिए।''
आयोग ने डुमरियागंज के मामले पर कहा है कि ईवीएम सुरक्षित हैं। आरोप बेबुनियाद हैं। उन्हें डीएम और एसपी ने समझा दिया। मामला सुलझ गया है। वहीं झांसी के बारे में कहा कि ईवीएम राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की उपस्थिति में उचित सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत हैं। कोई समस्या नहीं।
इसके साथ ही साथ ही चुनाव आयोग ने कहा, 'ईवीएम और वीवीपैट को उम्मीदवारों के सामने ठीक से सील किया गया और उनकी वीडियोग्राफी भी हुई। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहां पर केंद्रीय सुरक्षाबल के जवान तैनात हैं। उम्मीदवारों को स्ट्रॉंगरूम की एक बार निगरानी रखने की अनुमति दी गई है और उनके एक प्रतिनिधि को हर वक्त वहां रहने की मंजूरी है। आरोप बेबुनियाद हैं।EC: In all cases, polled EVMs&VVPATs were sealed properly in front of parties' candidates&videographed. CCTV cameras installed. CAPF security there. Candidates are allowed to have watch on strong room at a time&one representatives of each candidates 24×7. Allegations baseless. https://t.co/cNllIGIUXv
— ANI UP (@ANINewsUP)














