नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के जामिया इलाके में रविवार को जमकर हिंसा हुई। प्रदर्शनकारियों ने कई बसें और बाइक फूंक दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में स्टूडेंट्स और पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अराजक तत्वों के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में घुसे होने के संदेह पर कैंपस से सभी छात्रों को बाहर निकाल दिया। जामिया में इस हिंसा के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिर्वसिटी (JMI) छात्रों के अलावा जेएनयू और दूसरे संगठनों के लोगों ने पुलिस मुख्यालय पर धरना किया। हालांकि देर रात पुलिस द्वारा 50 छात्रों को रिहा करने के बाद सोमवार सुबह 4 बजे ये धरना खत्म हुआ। दिल्ली पुलिस ने सुबह 3:42 पर बताया कि हिरासत में लिए गए 35 छात्रों को कालकाजी पुलिस स्टेशन से छोड़ दिया गया। इसके अलावा 15 छात्रों को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से छोड़ा गया। जामिया में हुई झड़प में साउथ ईस्ट डीसीपी चिन्मय बिस्वाल, एडिशनल डीसीपी साउथ, 2 एसीबी, 5 एसएचओ और इंसपेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा होली फैमिली अस्पताल में कुल 51 छात्र भर्ती कराए गए थे। जिनमें से 41 छात्रों को मामूली उपचार के बाद वापस भेज दिया गया है। जबकि 10 अन्य छात्र अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी की वीसी नजमा अख्तर का कहना है कि जामिया के छात्रों ने आज विरोध प्रदर्शन नहीं बुलाया था। आज विरोध प्रदर्शन जामिया के आसपास की कॉलोनी के रहवासियों ने बुलाया था। इसे जुलेना तक जाना था। पुलिस यूनिवर्सिटी का गेट तोड़कर अंदर आई। इसके बाद पुलिस के साथ छात्रों की झड़प हुई। पुलिस ने आंदोलनकारियों और छात्रों के बीच फर्क भी नहीं किया। उन्होंने लाइब्रेरी के भीतर बैठे छात्रों पर बल का इस्तेमाल किया, इसमें कई छात्र घायल हुए। पुलिस को कैंपस के अंदर आने की अनुमति नहीं थी, लेकिन फिर भी पुलिस कैंपस में दाखिल हुई।
Delhi: Protesters, including Jawaharlal Nehru University students, hold demonstration at Delhi Police Headquarters, ITO, over Jamia Millia Islamia university incident. pic.twitter.com/0SfXYvt2Zm
— ANI (@ANI) December 15, 2019














