न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

चौंकाने वालें आंकड़े पिछले साढ़े 5 साल में बैंकों के डूबे इतने करोड़ रुपये

भारत का बैंकिंग सेक्टर कहीं दीवालियापन की ओर तो नहीं बढ़ रहा है, क्योंकि बीते साढ़े पांच वर्षो में बैंकों की 367765 करोड़ की रकम आपसी समझौते के तहत डूब गई है

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Sun, 18 Feb 2018 1:47:48

चौंकाने वालें आंकड़े  पिछले साढ़े 5 साल में बैंकों के डूबे इतने करोड़ रुपये

भारत का बैंकिंग सेक्टर कहीं दीवालियापन की ओर तो नहीं बढ़ रहा है, क्योंकि बीते साढ़े पांच वर्षो में बैंकों की 367765 करोड़ की रकम आपसी समझौते के तहत डूब गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है, वह चौंकाने वाली है। आरबीआई के मुताबिक वर्ष 2012-13 से सितंबर 2017 तक सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों ने आपसी समझौते सहित (इन्क्लूडिंग कंप्रोमाइज) के जरिए कुल 367765 करोड़ की रकम राइट ऑफ की है। इसमें से 27 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक है, वहीं 22 निजी क्षेत्रों के बैंक है, जिन्होंने यह रकम राइट ऑफ की है।

सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ को आरबीआई से मिले जवाब में बताया गया है कि बैंकों द्वारा राइट ऑफ की जाने वाली रकम लगातार बढ़ती जा रही है। सिलसिलेवार देखें तो पता चलता है कि वर्ष 2012-13 में राइट ऑफ की गई रकम 32127 करोड़ थी, जो बढ़कर वर्ष 2016-17 में 103202 करोड़ रुपये हो गई।

आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2013-14 में 40870 करोड़, वर्ष 2014-15 में 56144 करोड़, वर्ष 2015-16 में 69210 करोड़ की राशि राइट ऑफ की गई। वहीं वर्ष 2017-18 के सिर्फ शुरुआती छह माह अप्रैल से सितंबर के बीच 66162 करोड़ की राशि आपसी समझौते के आधार पर राइट ऑफ की गई।

indian banks,rbi

आरबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर) के बैंकों ने निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) के बैंकों के मुकाबले लगभग पांच गुना रकम राइट ऑफ की है। निजी क्षेत्र के बैंकों ने जहां साढ़े पांच साल में 64187 करोड़ की रकम राइट ऑफ की। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने इसी अवधि में 303578 करोड़ की राशि को राइट ऑफ किया है।

बैंकिंग क्षेत्रों के जानकारों की मानें तो राइट ऑफ कराने का खेल अपने तरह का है। बैंक जब कर्ज देते हैं तो खातों को चार श्रेणी में बांटते हैं। यह खाते कर्ज की किस्त जमा करने के आधार पर तय होते है। स्टैंडर्ड (तय समय पर किस्त देने वाला), सब स्टैंडर्ड (कुछ विलंब से किस्त अदा करने वाले), डाउट फुल (कई माह तक किस्त जमा न करने वाले) और लॉस (जिससे रकम की वापसी असंभव)। कर्ज लेने वाला अपनी जो संपत्ति दिखाता है, उसके आकलन के आधार पर कर्ज मुहैया कराया जाता है। कई उद्योगों में सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है।

वे बताते हैं कि कई लोग अपनी संपत्ति का आकलन बढ़ा-चढ़ाकर करा लेते हैं और उस आधार पर उन्हें ज्यादा राशि का कर्ज मंजूर हो जाता है, पहले तो वे सब्सिडी का फायदा लेते हैं, उसके बाद अपने को डिफाल्टर की श्रेणी में डलवाकर या लॉस खातों की श्रेणी में आ जाते हैं।

इतना ही नहीं, उसके बाद जब संपत्ति का आकलन कराते हैं तो वह पहले की तुलना में काफी कम निकलती है, इस स्थिति में बैंक के पास सिर्फ एक ही चारा बचता है कि वह संबंधित संपत्ति की नीलामी से मिलने वाली रकम को लेकर समझौता करे और शेष बची रकम को राइट ऑफ कर दे।

बैंक अधिकारी बताते हैं कि कोई भी बैंक नहीं चाहता कि उसकी बैलेंस शीट में बकाया नजर आए। इसी के चलते राइट ऑफ की रकम बढ़ती जा रही है। ये स्थितियां बैंकिंग के लिए अच्छी नहीं हैं। जो रकम राइट ऑफ की गई है, वह आम उपभोक्ता के हिस्से की है। इससे उपभोक्ताओं का बैंकों से भरोसा कम होगा। इतना ही नहीं, बैंकों के दिवालियेपन की ओर बढ़ने का यह एक बड़ा संकेत माना जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि जिन उद्योग या व्यक्तियों की कर्ज की रकम को राइट ऑफ किया जाता है, उनकी संपत्तियों पर बैंकों को नजर रखना चाहिए, मगर ऐसा होता नहीं हैं। वही व्यक्ति दूसरी कंपनी बनाकर कर्ज लेने की कतार में लग जाता है।

बैंक कर्मचारी अपना लक्ष्य पूरा करने की चाहत में उसे कर्ज दे जाते हैं। परिणाम वही होते हैं, जो अभी सामने आ रहे हैं। विजय माल्या 9000 करोड़ रुपये की चपत लगा गया और नीरव मोदी ने 11300 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। यह फेहरिस्त कितनी आगे बढ़ेगी, इसे कोई नहीं जानता।

राज्य
View More

Shorts see more

कुदरती तरीके से चाहिए चमकदार और सफेद दांत, इन 5 चीजों को टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें

कुदरती तरीके से चाहिए चमकदार और सफेद दांत, इन 5 चीजों को टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें

  • खराब खानपान से दांत पीले हो जाते हैं
  • महंगे ट्रीटमेंट के बिना दांतों को चमकदार बनाएं
  • घरेलू नुस्खों से दांत सफेद और मजबूत बनते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, जानें किसे कहां से मिला मौका
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, जानें किसे कहां से मिला मौका
दिल्ली में बड़ा खुलासा: थिनर से बदल रहे थे एक्सपायरी डेट, नकली पैकिंग कर बेच रहे थे खाद्य सामान, 3 गिरफ्तार
दिल्ली में बड़ा खुलासा: थिनर से बदल रहे थे एक्सपायरी डेट, नकली पैकिंग कर बेच रहे थे खाद्य सामान, 3 गिरफ्तार
खाड़ी में गहराया जल संकट! ईरान के हमले से कुवैत का डीसैलिनेशन प्लांट क्षतिग्रस्त, बढ़ी चिंता
खाड़ी में गहराया जल संकट! ईरान के हमले से कुवैत का डीसैलिनेशन प्लांट क्षतिग्रस्त, बढ़ी चिंता
अब पासवर्ड की जरूरत खत्म! दिल की धड़कनों से अनलॉक होगा फोन, आई नई Vital ID तकनीक
अब पासवर्ड की जरूरत खत्म! दिल की धड़कनों से अनलॉक होगा फोन, आई नई Vital ID तकनीक
‘होर्मुज में नाविक गंवाने वाला भारत अकेला देश’, 60 देशों की बैठक में ईरान जंग पर भारत का कड़ा रुख
‘होर्मुज में नाविक गंवाने वाला भारत अकेला देश’, 60 देशों की बैठक में ईरान जंग पर भारत का कड़ा रुख
‘धुरंधर 2’ का 15वें दिन भी जलवा कायम, ताबड़तोड़ कमाई के साथ दूसरे हफ्ते की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी
‘धुरंधर 2’ का 15वें दिन भी जलवा कायम, ताबड़तोड़ कमाई के साथ दूसरे हफ्ते की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी
दीपिका चिखलिया ने देखा 'रामायण' का टीजर, रणबीर कपूर को राम के रूप में देखकर जाहिर की खुशी, बोलीं- 'रिलीज का बेसब्री से इंतजार'
दीपिका चिखलिया ने देखा 'रामायण' का टीजर, रणबीर कपूर को राम के रूप में देखकर जाहिर की खुशी, बोलीं- 'रिलीज का बेसब्री से इंतजार'
गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों हैं खास, जानिए ईसाइयों के लिए इसका महत्व
गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों हैं खास, जानिए ईसाइयों के लिए इसका महत्व
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक चाहिए? इन 10 हिल स्टेशनों की रोड ट्रिप देगी सुकून का असली मज़ा
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक चाहिए? इन 10 हिल स्टेशनों की रोड ट्रिप देगी सुकून का असली मज़ा
4 चौके, 4 छक्के, 228.57 की स्ट्राइक रेट, अभिषेक शर्मा ने KKR के खिलाफ मचाई धूम
4 चौके, 4 छक्के, 228.57 की स्ट्राइक रेट, अभिषेक शर्मा ने KKR के खिलाफ मचाई धूम
रिंकू सिंह ने KKR का इतिहास बदला, आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ बने पहले खिलाड़ी
रिंकू सिंह ने KKR का इतिहास बदला, आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ बने पहले खिलाड़ी
IPL 2026: युवराज सिंह का बड़ा बयान—अभिषेक शर्मा को कप्तानी क्यों नहीं मिली, SRH मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
IPL 2026: युवराज सिंह का बड़ा बयान—अभिषेक शर्मा को कप्तानी क्यों नहीं मिली, SRH मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
KKR पर जीत के बाद मुसीबत में अभिषेक शर्मा, BCCI ने काटी मैच फीस और दिया डिमेरिट पॉइंट
KKR पर जीत के बाद मुसीबत में अभिषेक शर्मा, BCCI ने काटी मैच फीस और दिया डिमेरिट पॉइंट
शिवांग कुमार कौन हैं? सिर्फ सात मैचों के अनुभव के बाद IPL में मिला डेब्यू का मौका
शिवांग कुमार कौन हैं? सिर्फ सात मैचों के अनुभव के बाद IPL में मिला डेब्यू का मौका