न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

दुनिया के सामने बड़ी चिंता, धरती सुरक्षा कवच के हो सकते हैं दो टुकड़े, बढ़ रही दरार

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा पुष्टि की गई हैं कि सूर्य की घातक किरणों से बचाने वाले हमारी धरती के सुरक्षा कवच में दरार दिनोंदिन बढ़ रही है।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Wed, 19 Aug 2020 1:29:55

दुनिया के सामने बड़ी चिंता, धरती सुरक्षा कवच के हो सकते हैं दो टुकड़े, बढ़ रही दरार

हमारी धरती पर सुरक्षा का एक आवरण हैं जो कि सूर्य की घातक किरणों से बचाने का काम करता हैं। लेकिन जब यह आवरण नहीं रहेगा तो इससे होने वाले विनाश की कल्पना तक नहीं की जा सकती हैं। ऐसे में दुनिया के सामने इस सुरक्षा आवरण को लेकर बड़ी चिंता आई हैं क्योंकि अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा पुष्टि की गई हैं कि सूर्य की घातक किरणों से बचाने वाले हमारी धरती के सुरक्षा कवच में दरार दिनोंदिन बढ़ रही है। नासा के मुताबिक, यह कवच लगातार कमजोर हो रहा है। अगर हम वक्त रहते नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं, जब इस दरार के चलते धरती का सुरक्षा कवच (चुंबकीय क्षेत्र) दो टुकड़ों में टूट सकता है। यह कवच दक्षिण अमेरिका और दक्षिणी अटलांटिक समुद्र के बीच में कमजोर हो रहा है। खगोलविदों ने कवच में दरार बनने की इस प्रक्रिया को दक्षिण अटलांटिक विसंगति का नाम दिया है।

खगोलविदों के मुताबिक, यह दरार हर सेकंड बढ़ती जा रही है और यह दो टुकड़ों में बंट सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह दरार धरती के भीतर बन रही है, मगर इसका असर धरती की सतह पर हो रहा है। इसके चलते धरती के वातावरण में कमजोर चुंबकीय क्षेत्र बन रहा है जो सूरज से निकलने वाले घातक विकिरणों को धरती की सतह जाने से रोक पाने में सक्षम नहीं हो पा रहा है।

200 बरसों में बनी दरार

वैज्ञानिकों के मुताबिक, चुंबकीय क्षेत्र के चलते कवच में दरार तो बन ही रही है। धरती के उत्तरी हिस्से से यह कमजोर चुंबकीय क्षेत्र पूरे आर्कटिक की ओर फैल गया है। मई में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने रिपोर्ट दी थी कि बीते 200 बरसों में चुंबकीय क्षेत्र ने औसतन अपनी 9 फीसदी क्षमता गंवा दी थी। 1970 से ही कवच में क्षति की प्रक्रिया में तेजी आई और यह 8 फीसदी कमजोर हुआ है। हालांकि, कवच के दो टुकड़ों में बंटने को साबित नहीं किया जा सकता है।

दुनिया के सामने बड़ी चिंता, धरती सुरक्षा कवच के हो सकते हैं दो टुकड़े, बढ़ रही दरार

सैटेलाइट मिशनों के घर पर खतरा, प्रोटॉन कणों की बौछार से खराब होने की आशंका

वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती के भीतर पैदा हो रही इस गड़बड़ी का असर धरती की सतह तक हो रहा है। खासकर धरती के नजदीकी वातावरण पर इसका गहरा कुप्रभाव पड़ेगा, जो सैटेलाइट मिशनों के लिए घर है। बताया जा रहा है कि अगर ऐसा हुआ तो दुनिया भर के सैटेलाइट मिशनों को एक और बड़ी चुनौती का सामना करना होगा।

दरअसल, जब भी कोई सैटेलाइट इन प्रभावित इलाकों से होकर गुजरेगा तो उसे सूरज से निकलने वाली उच्च ऊर्जा वाले प्रोटॉन कणों की बौछार का सामना करना पड़ सकता है। वह भी उस वक्त, जब उस इलाके का चुंबकीय क्षेत्र अपनी ताकत का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाता है। ऐसे में सैटेलाइट के कंप्यूटर खराब हो सकते हैं या फिर पूरी तरह से खराब हो सकते हैं।

खास जुगाड़ से सैटेलाइट को बचाएंगी अंतरिक्ष एजेंसियां

नासा के मुताबिक, अपने सैटेलाइट को बचाने के लिए ज्यादातर अंतरिक्ष एजेंसियां खास जुगाड़ का इस्तेमाल कर रही हैं। जब कमजोर चुंबकीय क्षेत्र वाले इलाकों से सैटेलाइट गुजरते हैं तो वे अपने सैटेलाइट की पावर को कम कर देते हैं। ऐसा करके सूरज की खतरनाक विकिरणों से वे अपने सैटेलाइट को खराब होने से बचा सकते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन