
फ्रांस से 7,364 किमी का सफर तय करके दुश्मनों के मंसूबे नेस्तनाबूद करने के लिए पांच लड़ाकू विमान राफेल आज बुधवार को अंबाला पहुंचेंगे। एटमी हथियार ले जाने की ताकत रखने वाला ये विमान दुनिया में अकेला ऐसा फाइटर एयरक्राफ्ट है, जो 55 हजार फीट की ऊंचाई से भी दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखता है। सबसे अहम बात यह है कि ये काबिलियत हमारे पड़ोसियों पाकिस्तान और चीन दोनों की ही सेना के पास नहीं है। 5 विमानाें की बैच में सबसे पहले विमान काे वायुसेना की 17वीं गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन के कमांडिंग ऑफिसर और शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह लैंड करवाएंगे। पीछे-पीछे 4 अन्य राफेल लैंड करेंगे। अगवानी के लिए वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदाैरिया समेत वेस्टर्न एयर कमांड के कई अधिकारी भी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर मौजूद रहेंगे।
जोधपुर में भी हो सकती है लैंडिंग
हालाकि, इस बीच खबर आ रही है कि अंबाला में मौसम खराब हो रहा है ऐसे में भारतीय वायु सेना ने जोधपुर के एयरबेस को इसके लिए दूसरे विकल्प के रूप में चुना है। ऐसा माना जा रहा है कि बुधवार को अंबाला का मौसम साफ नहीं होगा तो राफेल लड़ाकू विमानों को जोधपुर के एयरबेस पर उतारा जाएगा। हालांकि जोधपुर एयरबेस के अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि इसको लेकर जोधपुर एयरबेस पर तैयारियां कर ली गई हैं।
जब एक नया लड़ाकू विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल होता है तो उसके स्वागत को लेकर जिस तरीके की व्यवस्था होती है, उसका स्वागत होता है, वह सभी औपचारिकताएं जोधपुर में की जाएंगी। यह विमान जोधपुर कब उतरेंगे अभी इसका समय तय नहीं किया गया है। अगर बुधवार को राफेल भारत में पहली बार जोधपुर एयरबेस पर उतरते हैं तो यह जोधपुर के लिए गौरव वाली बात होगी।
बता दें कि जब राफेल का सौदा हुआ था तब यह कहा जाता था कि राफेल की स्क्वाड्रन जोधपुर में भी तैनात होगी जो मिग की जगह लेगी। क्योंकि हाल ही में वायुसेना ने मिग लड़ाकू विमान को जोधपुर एयरबेस से सेवानिवृत्ति दे दी है।














