सरकार और किसानों के बीच अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। सभी बातचीत बेनतीजा रही है। ऐसे में किसानों ने आंदोलन और तेज करने की धमकी दी है। इससे कल यानी 12 दिसंबर से लोगों की दिक्कत और बढ़ सकती है। वार्ता के लिए फिलहाल कोई अगली तारीख तय नहीं की गई है। सरकार को अपने प्रस्तावों पर किसान संगठनों के जवाब का इंतजार है। सरकार जहां कृषि कानूनों को वापस नहीं लेने की बात कही है, वहीं किसान कृषि कानून को रद्द किए जाने की मांग पर अडिग हैं। शनिवार को दिल्ली-जयपुर सड़क ब्लॉक किया जाएगा और 14 दिसंबर को धरना होगा। खानी-पीने की कोई दिक्कत न हो इसके लिए 4-6 महीनें का राशन भी लेकर निकले हैं।
![प्रदर्शनकारी किसानों के आराम का रखा जा रहा पूरा ख्याल, फुट मसाज के लिए लाई गई ये खास मशीनें, देखे तस्वीरें foot massage machine,farmers protest,delhi farmers protest]()
सिंघू बॉर्डर पर जैसे-जैसे आंदोलन तेज हो रहा है वैसे-वैसे किसानों की सुविधाओं और उनके आराम के इंतजाम किए जा रहे हैं। टीवी के बाद किसानों के आराम के लिए खास मशीनों को इंतजाम किया गया है। इन मशीनों के जरिए किसान पैरों की मसाज ले सकते हैं।
सिख परोपकारी संगठन ‘खालसा एड’द्वारा लगाए गए इन खास फुट मसाजर के जरिए किसानों को पैरों की मालिश करवाते हुए और आराम करते हुए देखा जा सकता है।
![प्रदर्शनकारी किसानों के आराम का रखा जा रहा पूरा ख्याल, फुट मसाज के लिए लाई गई ये खास मशीनें, देखे तस्वीरें foot massage machine,farmers protest,delhi farmers protest]()
बता दें कि केंद्र सरकार किसानों से कह रही है कि कानून में किसानों को जो आपत्ति हो बताएं उसमें संसोधन करने के लिए सरकार तैयार है, सरकार एमएसपी भी लिखित में देने को तैयार है। हालांकि किसान कानून को रद्द करवाने की बात पर अड़े हुए हैं।