पिछले चार दिनों से पश्चिम बंगाल में चल रही जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को आज पूरे देशभर के डॉक्टर्स का साथ मिला है। यहां एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना से मेडिकल एसोसिएशन में गुस्सा है, डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं तो वहीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टरों पर ही हमलावर हैं। ममता सरकार से खफा डॉक्टरों ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी है अभी तक राज्य में 150 से अधिक डॉक्टर अपना पद छोड़ चुके हैं। अभी तक दार्जिलिंग में 27, उत्तर 24 परगना में 18 और NRS कॉलेज में 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं तो वहीं कोलकाता में 80 से अधिक डॉक्टरों ने इस्तीफे की धमकी दी है।
दूसरी तरफ डाक्टर्स के प्रदर्शन और हड़ताल के कारण दिल्ली के एम्स, सफदरजंग समेत देश के कई हिस्सों में अस्पतालों में मरीज परेशान दिखे। AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने एक दिन का सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया। इसी वजह से आज रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी और रूटीन सेवा ठप कर दी। इसके अलावा सर पर पटी बांध कर AIIMS अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया।
Delhi: Patients and their relatives outside the OPD at All India Institutes of Medical Sciences (AIIMS). Resident Doctors Association (RDA) of AIIMS is on strike today over violence against doctors in West Bengal. pic.twitter.com/rRCeZqDfxr
— ANI (@ANI) June 14, 2019
डॉक्टरों को आई चोट दुर्भाग्यपूर्ण
ममता बनर्जी ने एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो जूनियर डॉक्टरों को आई चोटों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बनर्जी ने कहा कि इस बाबत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इलाज में लापरवाही की शिकायत पर भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर व गुर्दे के मरीज तथा दुर्घटना पीड़ित और दूर दराज से आए बच्चे इलाज नहीं मिलने की वजह से सबसे ज्यादा भुगत रहे हैं।
क्यों भड़का माहौल?
दरअसल, ये घटना 10 जून करीब साढ़े पांच बजे की है। जब नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं। इसके बाद डॉक्टरों ने कहा- जब तक परिजन हमसे माफी नहीं मांगते हम प्रमाण पत्र नहीं देंगे।
इस मामले में फिर हिंसा भड़क गई, कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया। इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जबकि कई और को भी चोटें आईं। और उसके बाद जब ममता बनर्जी ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की तो मामला तूल पकड़ता गया। NRS कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल अभी तक इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं।














