देशभर में लॉकडाउन के चलते केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे लोगों के लिए 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' चलाई है। ये ट्रेनें चलने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि कोई भी शख्स रेलवे स्टेशन पहुंच जाए और सफर करने लगे। इन ट्रेनों से चुनिंदा लोग ही सफर कर सकते हैं। ये चुनिंदा लोग हैं - लॉकडाउन में फंसे मजदूर, छात्र, तीर्थयात्री और पर्यटक। लेकिन इनमें से भी वही लोग सफर कर सकते हैं, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से अनुमति दी गई है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सफर करने के लिए सबसे पहले नजदीकी नोडल ऑफिसर से संपर्क करना होगा। उनके जानकारी हासिल करें और अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। नोडल ऑफिसर आपसे एक फॉर्म भरवाएंगे। इसके बाद एक लिस्ट तैयार की जाएगी। ये लिस्ट रेलवे को भेजी जाएगी। आपको ट्रेन कहां से और कैसे मिलेगी, इसकी जानकारी नोडल ऑफिसर ही देंगे। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बिना आवेदन के रेलवे स्टेशन पहुंच जाता है, तब उसे सफर नहीं करने दिया जाएगा।
श्रमिक स्पेशल ट्रेन / मजदूरों का दर्द, रेल किराए हमने दिया, 28 घंटे लंबे
सफर में खाने को मिला दो पैकेट चिप्स, एक पैकेट बिस्कुट और एक बोटल पानी
स्पेशल ट्रेन के लिए रेलवे के दिशा-निर्देश
- ट्रेन में सफर करने से पहले सभी यात्रियों की स्क्रीनिग की जाएगी, सिर्फ उन्हीं यात्रियों को जाने दिया जाएगा जिनमें कोविड-19 के लक्षण न हों
- ट्रेन प्वाइंट टू प्वाइंट चलेगी। रास्ते में किसी स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। यात्रियों की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी।
- किसी यात्री को कोई टिकट जारी नहीं किया जाएगा। राज्य सरकारें यात्रियों के टिकट का खर्चा उठाएंगी।
- रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है
- यात्रा के दौरान हर यात्री को मास्क लगाना अनिवार्य है
- यात्रियों को राज्य सरकार की सैनेटाईज़्ड बसों में स्टेशन तक लाया जाएगा
- गंतव्य पर पहुंचने पर इन्हें एक एक बैच के रूप में उतारा जाएगा और वहां हर यात्री की स्क्रीनिंग की जाएगी
- यात्रियों को आइसोलेशन में रखने की जरूरत हुई तो उसकी व्यवस्था राज्य सरकार करेगी
- राज्य सरकार उन लोगों के घर तक पहुंचने की व्यवस्था करेगी
- 12 घंटे से ज्यादा लंबे सफर वाली ट्रेनों में एक समय का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा
बता दे, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को पॉइंट-टू-पॉइंट चलाया जा रहा है। इसके तहत ये ट्रेनें एक निर्धारित जगह से एक तय मंजिल के लिए चलेगी, बीच में ये कहीं नहीं रुकेगी। आमतौर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए चलाई जा रही हैं।
इन रूटों पर चलाई जा रही ट्रेन
जयपुर (राजस्थान) से पटना (बिहार)
कोटा (राजस्थान) से हटिया (झारखंड)
नासिक (महाराष्ट्र) से लखनऊ (यूपी)
नासिक (महाराष्ट्र) से भोपाल (मध्य प्रदेश)
लिंगमपल्ली (तेलंगाना) से हटिया (झारखंड)
एर्नाकुलम (केरल) से भुवनेश्वर (ओडिशा)
तिरुअनंतपुरम (केरल) से हटिया (झारखंड)
साबरमती (गुजरात) से आगरा (यूपी)
बता दें, लॉकडाउन के कारण पहली बार ऐसा हुआ कि 40 दिनों तक पूरे देश में एक भी ट्रेन नहीं चली। 4 मई से लॉकडाउन का तीसरी फेज शुरू हो गया है। ये लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा।














