कोरोना वायरस (Coronavirus in India) का संक्रमण और न फैले इसलिए पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) घोषित है। देश के तमाम हिस्सों में लोग इधर उधर फंसे हुए हैं। इसी बीच लॉकडाउन की कड़वी हकीकत ही सामने आ रही है। हाल ही में पंजाब के अमृतसर में एक गर्भवती महिला दर-दर की ठोकरें खा रही है। यहां एक महिला गर्भवती महिला और अपने परिवार को रिक्शे पर बिठा कर राशन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। यह पूरा परिवार पिछले एक महीने से राशन के लिए जगह-जगह पर जा रहा है। इसके बावजूद भी उसे राशन नहीं मिल रहा है। <a href="http://hindi.lifeberrys.com/news/coronavirus-lockdown-family-walked-800-km-to-reach-home-140379.html"><b>लॉकडाउन की कड़वी हकीकत / घर के लिए रेलवे ट्रैक पर निकल पड़ा परिवार, साथ में 5 साल का बच्चा </b></a>आजतक की खबर के अनुसार अमृतसर में राशन के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा ये परिवार पहले पैदल ही राशन को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब परिवार की बहू गर्भवती है जिसके बाद परिवार की एक युवती रिक्शा चलाती है और बाकी परिवार के सदस्य रिक्शे पर बैठ कर राशन को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक राशन नहीं मिला। <a href="http://hindi.lifeberrys.com/news/coronavirus-lockdown-mumbai-migrant-labours-gorakhpur-140359.html"><b>लॉकडाउन की कड़वी हकीकत / मुंबई से गोरखपुर साइकिल पर निकल पड़े मजदूर, कहा - अब यही अंतिम विकल्प </b></a>रिक्शे को चलाने वाली महिला का कहना है कि वह पिछले एक महीने से दर-दर की ठोकरें खा रही है अब उसकी भाभी गर्भवती है और वह पैदल नहीं चल सकती इसलिए उसने इसका सहारा लिया है। कभी कोई कहीं भेजता है कभी कोई कहीं प्रशासन के पास भेज देता है। लेकिन अभी तक राशन कहां मिलेगा, इसका पता नहीं चल पाया है। <a href="http://hindi.lifeberrys.com/news/coronavirus-lockdown-60-years-old-man-walked-26km-carrying-his-ailing-daughter-from-govandi-to-parvel-kem-hospital-140292.html"><b>लॉकडाउन की कड़वी हकीकत / बीमार बेटी को कंधों पर बिठाए 26 KM चला बुजुर्ग</b></a>