
फ्रांस में दूसरा लॉकडाउन लगाए करीब एक हफ्ता गुजर चुका है, लेकिन अब तक संक्रमण की दर में कोई कमी नहीं आई। सोमवार को यहां 52 हजार 518 मामले सामने आए। इसी दौरान एक हजार लोगों को गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। दूसरी तरफ, लॉकडाउन के बावजूद मामले बढ़ने के बाद एमैनुएल मैक्रों सरकार दबाव में है। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन हटा लेना चाहिए क्योंकि यह बेअसर साबित हो रहा है। हर दिन मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में अब कुल मामले करीब 15 लाख हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार फ्रांस में कोरोना से अब तक 14,66,433 लोग प्रभावित हुए हैं। देश में इस समय 25,143 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 3,730 लोग गहन चिकित्सा कक्ष में हैं। इससे पहले 25 अक्टूबर को इस जानलेवा विषाणु के सर्वाधित 52,010 मामले सामने आए थे।
WHO ने कहा- सख्ती करें
WHO ने एक बार फिर उन देशों को चेतावनी जारी की है जो महामारी को लेकर सख्त नहीं हैं। डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोल एडेनहोम ग्रेब्रियस ने कहा- अब भी वक्त है जब देशों को सख्ती दिखानी चाहिए। अब भी बहुत देर नहीं है। क्योंकि, अगर अब कदम नहीं उठाए तो हालात हाथ से निकल सकते हैं। अब मौका है जब दुनिया के नेताओं को आगे आना होगा और मिलकर इस महामारी का मुकाबला करना होगा। हमारे पास अब भी मौका है।














