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  • बिहार में लू का कहर, 2 दिन में हुई 143 मौतें, दूसरे दिन औरंगाबाद में 33, नवादा में 12 और पटना में 11 की जान गई

बिहार में लू का कहर, 2 दिन में हुई 143 मौतें, दूसरे दिन औरंगाबाद में 33, नवादा में 12 और पटना में 11 की जान गई

By: Pinki Mon, 17 June 2019 1:10 PM

बिहार में लू का कहर, 2 दिन में हुई 143 मौतें, दूसरे दिन औरंगाबाद में 33, नवादा में 12 और पटना में 11 की जान गई

प्रचंड गर्मी और लू के चलते बिहार में शनिवार और रविवार को मिलाकर 143 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। लू और गर्मी की वजह से गया, औरंगाबाद, नवादा और पटना में स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। इन शहरों में रविवार को तापमान 41 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पटना शहर में तापमान 45 डिग्री के पार रहा। औरंगाबाद जिले में दूसरे दिन रविवार को 33 लोगों की जान गई। सबसे ज्यादा 17 मौतें औरंगाबाद सदर अस्पताल में हुई। वहीं, नवादा में 12, पटना में 11, गया में 9, बक्सर में 7 और आरा में 5 की लू की वजह से जान चली गई। रविवार को 77 और शनिवार को 66 मौतें हुई है।

बेबस दिखे डॉक्टर


औरंगाबाद में रविवार को भी डॉक्टर बेबस दिखे। हर आधे घंटे पर एक मौत हो रही थी। लगातार मरीजों की बाढ़ सदर अस्पताल में आती गई और कुछ-कुछ देर पर मौतें होती रहीं। उधर, गया में लू से दो दिनों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों में इलाज के लिए पटना से मेडिकल टीम भेजी गई है। सभी अस्पतालों के कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, गया समेत राज्य के कई इलाकों में अगले चार दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। 20 जून के बाद से मौसम में बदलाव आएगा। गया जिले के कुछ हिस्सों में बारिश भी होगी।

रविवार को प्रदेश में पटना सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 45 डिग्री रहा, जो शनिवार के मुकाबले 0.8 डिग्री से कम है। वहीं, गया का अधिकतम तापमान 44.4, भागलपुर का 41, मुजफ्फरपुर का 42.6 डिग्री रहा। रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने औरंगाबाद, नवादा और गया का दौरा किया। अस्पतालों में एसी और पंखा के साथ कूलर लगाने के आदेश दिए गए। इन जिलों में दिन भर लू के थपेड़ों से बेहाल मरीज शरीर में जलन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचते रहे।

मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ हैं। नीतीश कुमार ने औरंगाबाद, नवादा और गया में गर्मी के चलते हुई मौतों पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। साथ ही उन्होंने पूरे बिहार में इस भीषण गर्मी एवं लू के मद्देनज़र जरूरी कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इससे प्रभावित लोगों के लिए शीघ्र हर संभव चिकित्सीय सहायता की व्यवस्था करने को कहा है और जल्द उनके स्वस्थ होने की कामना की है।

डॉक्टरों की देशभर में आज हड़ताल, बिहार में भी ठप रहेगी ओपीडी

पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में सोमवार को देशभर में डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरोंपर हमले के विरोध में ओपीडी समेत सभी गैरजरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 तक बंद रहेंगी। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चलती रहेंगी। बिहार के डॉक्टरों ने भी ओपीडी सेवा ठप रखने की घोषणा की है। आईएमए बिहार के वरीय उपाध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने बताया कि सूबे में एईएस और लू के प्रकोप को देखते हुए इमरजेंसी और पोस्टमॉर्टम सेवा को इससे मुक्त रखा गया है।

चमकी बुखार से अबतक 100 बच्चों की मौत

वही दूसरी तरफ बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, इस बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई है। इसकी जानकारी श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के अधिकारी सुनील कुमार साही ने दी। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पीड़ितों के पास नहीं पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और चिकित्सकों को हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिए हैं। एसकेएमसीएच में 69 बच्चों की जान गई जबकि 14 बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई। बहरहाल, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर बच्चे हाइपोग्लाइसेमिया से पीड़ित थे। हाइपोग्लाइसेमिया में रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम हो जाता है और साथ इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी होता है।

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