
देखा जाए तो शिक्षा का महत्व हमें बचपन से ही मिलना शुरू हो जाता है। बचपन में माता पापा से पहेली संस्कारो की शिक्षा प्राप्त होती है थोड़े
बड़े होने पर स्कूली शिक्षा प्राप्त करते है उसके बाद हम महाविद्यालय की
शिक्षा प्राप्त करते है। एक तरह से देखा जाए तो शिक्षा का महत्व शुरू से
हमारी जिंदगी में अधिक महत्पूर्ण रहा है। लड़का हो या लड़की अपनी स्कूली
शिक्षा पूर्ण करने के बाद महाविद्यालय में जाने की उत्सुकता बनी रहती है।
हर किसी के लिए महाविद्यालय का पहला दिन बहुत रोचकपूर्ण होता है। जब
हमारा पहला दिन होता है तो हमें कई प्रकार के तर्क-पूर्ण वाक्यो का सामना
करना पड़ता है। अब यह तर्क पूर्ण वाक्य लड़का हो या लड़की दोनों के लिए बोला
जाता है। एक तरीके से देखा जाए तो अधिकतर महाविद्यालय में कई परेशनियो का
सामन्त करना पड़ता है। तो आइये जानते है कॉलेज के पहले दिन लड़का हो या लड़की
उन्हें किस तरीके की समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

सबसे पहले हमें नए दोस्त बनाना बहुत मुश्किल लगता है। नए
कॉलेज में जाकर हम किस से दोस्ती करे और किस की दुश्मनी किस से है यह जानना
बहुत जरुरी हो जाता है। ताकि हमें आगे जा के किसी भी भारी समस्या का
सामना नहीं करना पड़े।

यह सबसे बड़ी समस्या होती है एक तरीके से देखा जाए तो यह हमारी कॉलेज में पहले दिन ली जाने वाली रैगिग होती है। इसमें लड़के का पहला दिन हो या लड़की का दोनों की टांग सीनियर द्वारा खिंची जाती है। इसमें कुछ भी ड्रामा या भद्दे कमेंट कर के परेशां किया जाता है, जैसे - क्या मस्त आइटम है , शाहरुख खान की एक्टिंग कर , जैसी बाते बोली जाती है जिससे सीनियर द्वारा जूनियर को निचा दिखाया जाता है।

कॉलेज के पहले दिन हम इस दुविधा में रहते है की हमें कॉलेज में पहले दिन असा क्या पहनना चाहिए की लोगो को हम अपनी और अट्रेक्ट कर सके।

कॉलेज में दाखिल तो ले लेते है। अगर आप बाहर के
रहने वाले है तो इसमें सबसे बड़ी परेशानी यह होती है की हमारा रूममेट कैसा
होगा या कैसी होगी। सीनियर हुआ तो हमें उसकी हर बात मानने पर मजबूर होना
पड़ता है।

कॉलेज में जाते ही दोस्तों के साथ रोज़ रोज़ कैन्टीन में जाना पद जाता है। जिससे हमें पैसों से सम्बंधित समस्या का सामना करना पड़ जाता है। इसलिए बजट को लेकर भी हमें ध्यान रखना पड़ता है।














