
गर्मियों के मौसम में देखा जाता हैं कि प्रदूषित हवा और अनहेल्दी आहार की वजह से शरीर में विषाक्त कणों का निर्माण शुरू हो जाता है जिन्हें समय से शरीर से बाहर निकालना जरूरी हो जाता हैं अन्यथा शरीर में बैक्टीरिया, वायरस पनपने लगते है। शरीर से इन विषाक्त कानों को बाहर निकालना डिटॉक्सिफिकेशन या बॉडी को डिटॉक्स करना कहलाता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको इक प्राचीन समय से आजमाए जाने वाला तरीका बताने जा रहे हैं जिसका नाम हैं ऑयल पुलिंग। ऑयल पुलिंग पूरे शरीर से विषाक्त पदार्थों को खींच लेता है और बाहर निकाल फेंकता है क्योंकि हमारी जीभ हृदय, गुर्दे की छोटी आंत और फेफड़ों सहित अन्य अंगों से जुड़ी हुई होती है। तो आइये जानते हैं इसके बारे में कैसे अजमाया जाए इसे।

- हर सुबह खाली पेट अपने मुंह में 1-2 चम्मच तेल डालें। आप नारियल तेल, तिल का तेल या सरसों के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं।
- जैतून के तेल को भी ऑयल पुलिंग के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें एंटी-माइक्रोबायल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
- प्राकृतिक और कोल्ड-प्रेस्ड का उपयोग करना सुनिश्चित करें, जो कि प्रीजरवेटिव और केमिकल फ्री होता है।
- 10 से लेकर 20 मिनट के लिए उसे कुल्ला करें।

- कुछ मिनटों के बाद इसे कूड़ेदान में थूक दें।
- वॉशबेसिन में न थूकें क्योंकि यह पाइप को रोक सकता है।
- इसे निगलें नहीं क्योंकि ये बैक्टीरिया से भरे होते हैं और स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
- आप अपने मुंह को साफ करने के लिए गर्म, खारे पानी या नल के पानी से भी धो सकते हैं।
- ट्रेडिशनल ओरल हाइजीन प्रैक्टिस को फॉलो करें जैसे कि अपने दांतों को ब्रश करना, फ्लॉसिंग और उसके बाद धोना।














