न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

'Plan B' / कोरोना महामारी से बचने के लिए सबको संक्रमित कर देना चाहिए! छिड़ी बहस

कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए सभी लोगों को इससे संक्रमित होने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए। इसके पक्ष में भी दलीलें आ रही हैं तो इसके खिलाफ भी।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 30 Apr 2020 4:22:03

'Plan B' / कोरोना महामारी से बचने के लिए सबको संक्रमित कर देना चाहिए! छिड़ी बहस

कोरोना वायरस महामारी को लेकर अब पूरी दुनिया में एक बहस छिड़ चुकी है। इस बहस के तहत कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए सभी लोगों को इससे संक्रमित होने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए। इसके पक्ष में भी दलीलें आ रही हैं तो इसके खिलाफ भी। आखिर इस विकल्प का आधार क्या है और क्यों इस तरह की चर्चा छिड़ी है, आइए समझते हैं।

दरअसल, जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक खतरा बहुत ही ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तक वैक्सीन नहीं बन जाती लॉकडाउन जारी रहे? बिल्कुल नहीं, क्योंकि तब बीमारी से ज्यादा लोग इसे रोकने की इस कवायद से मरने लगेंगे। इकॉनमी चौपट हो जाएगी, अभूतपूर्व बेरोजगारी बढ़ जाएगी। हो सकता है कि लोगों के भूखों मरने की नौबत तक आ जाए।

ऐसी सूरत में वैक्सीन बनने तक 'हर्ड इम्यूनिटी (Herd Immunity)' के कॉन्सेप्ट से लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। इसी को प्लान बी के तौर पर बताया जा रहा है कि लोगों को खुला छोड़ दें संक्रमण के लिए, इससे 'हर्ड इम्यूनिटी' विकसित होगी और आखिरकार महामारी खत्म हो जाएगी। लेकिन इसमें इतना ज्यादा जोखिम है कि दुनिया भर के विशेषज्ञ इसे लेकर बंट चुके हैं। ऐसे में हम आपको बताते है कि आखिर क्या है 'हर्ड इम्यूनिटी (Herd Immunity)'?

'Plan B' / कोरोना महामारी से बचने के लिए सबको संक्रमित कर देना चाहिए! छिड़ी बहस

जब बहुत सारे लोग किसी संक्रामक बीमारी के प्रति इम्यून (Immune) हो जाते हैं यानी उनमें उसके प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है तो वह बीमारी बाकी बचे असंक्रमित लोगों को अपनी चपेट में नहीं ले पाती है क्योंकि पूरा समूह ही इम्यून हो चुका होता है। इसी को हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं।

यह प्रतिरोधक क्षमता या तो वैक्सीन के जरिए मिलेगी या फिर बड़ी तादाद में लोगों के संक्रमित होने और उनके भीतर संबंधित बीमारी के प्रति इम्यूनिटी विकसित होने से होगी। उदाहरण के तौर पर न्यूमोनिया और मेनिन्जाइटिस जैसी बीमारियों की वैक्सीन देकर बच्चों को इसके प्रति इम्यून बनाने का नतीजा यह हुआ कि वयस्क लोगों के इन बीमारियों की चपेट में आने की गुंजाइश बहुत कम हो गई। अगर कुछ लोगों में ही किसी बीमारी के प्रति इम्यूनिटी है तो वह संक्रामक बीमारी आसानी से फैलती है। अगर ज्यादातर लोगों में वैक्सीन या एक्सपोजर की वजह से इम्यूनिटी आ जाए तो वायरस का फैलना रुक जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कोविड-19 (Covid-19) की बात करें तो अगर 60 से 85% आबादी में इसके प्रति इम्यूनिटी आ जाए तो इसे हर्ड इम्यूनिटी करेंगे। डिप्थीरिया में यह आंकड़ा 75%, पोलियो में 80 से 85% और मीजल्स में 95% है।

'Plan B' / कोरोना महामारी से बचने के लिए सबको संक्रमित कर देना चाहिए! छिड़ी बहस

अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक बड़ी आबादी मरने के लिए छोड़ दी जाए?

कई विशेषज्ञ 'हर्ड इम्यूनिटी' का तीखा विरोध कर रहे हैं। अगर लोगों को वायरस के संक्रमण में आने के लिए छोड़ दिया जाए तो जोखिम वाले लोग जैसे बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय होगा। ऑस्ट्रेलिया के एपिडेमियोलॉजिस्ट गिडियन मेयरोविट्जकाट्ज ने द गार्डियन में लिखा, 'इसके लिए हमें इकॉनमी की बलि वेदी पर जोखिम वाले लोगों की बलि देनी पड़ेगी।' हर्ड इम्यूनिटी के लिए लोगों को संक्रमित होने के लिए छोड़ना बहुत खतरनाक हो सकता है। 60 से 85% आबादी संक्रमित हो जाए तो इसके विनाशकारी नतीजों की कल्पना तक नहीं की जा सकती। तब लाखों लोग या हो सकता है कि करोड़ में लोगों की मौत हो जाए। कनाडा के चीफ पब्लिक हेल्थ ऑफिसर थेरेसा टैम ने चेताया है कि अगर ऐसा किया गया तो मौत ही नहीं, बीमारी के असर भी खतरनाक साबित होंगे। उन्होंने कहा, 'सिर्फ मौत ही चिंता की बात नहीं है। बीमारी से जो जिंदा बच रहे हैं उनके किडनी, लिवर, हृदय और दिमाग को होने वाला नुकसान भी बड़ी चिंता की बात होगी।'

बता दे, दुनिया में कोरोना वायरस से अब तक 32 लाख 19 हजार 424 लोग संक्रमित हैं। 2 लाख 28 हजार 197 की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लाख लाख 293 ठीक हो चुके हैं। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को किसी आतंकी हमले से भी ज्यादा खतरनाक बताया है। संगठन ने कहा कि यह दुनिया में उथल-पुथल मचा सकता है, इसलिए सभी देशों को एकजुट होकर इसका मुकाबला करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस गेब्रियेसस ने बुधवार को कहा, 'इस वायरस को हराने के लिए इतिहास के किसी भी क्षण से ज्यादा इस समय मानव जाति को एक साथ खड़े होने की जरूरत है। यह राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक उथल-पुथल मचाने में सक्षम है।'

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

लखनऊ अग्निकांड: कैसे सुरक्षा खामियों ने इमारत को बना दिया मौत का जाल? सामने आईं हादसे की 5 बड़ी वजहें
लखनऊ अग्निकांड: कैसे सुरक्षा खामियों ने इमारत को बना दिया मौत का जाल? सामने आईं हादसे की 5 बड़ी वजहें
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पुलिस की विशेष एडवाइजरी जारी, श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील; मार्ग में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पुलिस की विशेष एडवाइजरी जारी, श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील; मार्ग में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
राममंदिर चढ़ावा जांच ने पकड़ी रफ्तार, SIT ने सौंपी शुरुआती रिपोर्ट; नए लोगों से पूछताछ के संकेत
राममंदिर चढ़ावा जांच ने पकड़ी रफ्तार, SIT ने सौंपी शुरुआती रिपोर्ट; नए लोगों से पूछताछ के संकेत
बगावत के बीच ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक दांव, दो सप्ताह में दूसरी बार TMC की नई कार्यसमिति गठित, चुनाव आयोग को भेजी सूची
बगावत के बीच ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक दांव, दो सप्ताह में दूसरी बार TMC की नई कार्यसमिति गठित, चुनाव आयोग को भेजी सूची
मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने कैसे रची केतन की मौत की साजिश? पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी
मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने कैसे रची केतन की मौत की साजिश? पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी
चीन का अनोखा रोबोट बना चर्चा का विषय, बिजली बिल चुकाने  के लिए मांग रहा था पैसे, वायरल वीडियो देख लोग बोले- अब भिखारियों की नौकरी भी खतरे में
चीन का अनोखा रोबोट बना चर्चा का विषय, बिजली बिल चुकाने के लिए मांग रहा था पैसे, वायरल वीडियो देख लोग बोले- अब भिखारियों की नौकरी भी खतरे में
CUET UG 2026 परिणाम घोषित, एक क्लिक में चेक करें स्कोर और रैंक
CUET UG 2026 परिणाम घोषित, एक क्लिक में चेक करें स्कोर और रैंक
दिल्ली में वाहन प्रदूषण जांच के नियमों में बड़ा बदलाव संभव, BS-VI वाहनों को मिल सकती है राहत
दिल्ली में वाहन प्रदूषण जांच के नियमों में बड़ा बदलाव संभव, BS-VI वाहनों को मिल सकती है राहत
मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित होंगे सतीश शाह, भाई बोले- काश यह सम्मान उनके रहते मिलता
मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित होंगे सतीश शाह, भाई बोले- काश यह सम्मान उनके रहते मिलता
दामों में बड़ी गिरावट, सोना ₹1600 से ज्यादा टूटा तो चांदी ₹6800 से अधिक लुढ़की
दामों में बड़ी गिरावट, सोना ₹1600 से ज्यादा टूटा तो चांदी ₹6800 से अधिक लुढ़की
श्रद्धा कपूर की ‘ईथा’ का टीजर रिलीज होते ही बढ़ी धड़कनें, तूफान को नाचते देख थम जाएंगी नजरें
श्रद्धा कपूर की ‘ईथा’ का टीजर रिलीज होते ही बढ़ी धड़कनें, तूफान को नाचते देख थम जाएंगी नजरें
असिस्टेंट डायरेक्टर से सफल निर्माता बनने तक, अतुल अग्निहोत्री ने मेहनत और विजन से बनाई बॉलीवुड में खास पहचान
असिस्टेंट डायरेक्टर से सफल निर्माता बनने तक, अतुल अग्निहोत्री ने मेहनत और विजन से बनाई बॉलीवुड में खास पहचान
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
कंगना रनौत नहीं होंगी 'लॉक अप' के नए सीजन का हिस्सा, एकता कपूर ने फॉर्मेट में बड़े बदलाव का किया खुलासा
कंगना रनौत नहीं होंगी 'लॉक अप' के नए सीजन का हिस्सा, एकता कपूर ने फॉर्मेट में बड़े बदलाव का किया खुलासा