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महाशिवरात्रि 2019: शिवजी का प्रसाद ग्रहण करने से पहले जानें ये जरूरी बातें, डालती है आपके जीवन पर प्रभाव

शिवपुराण के अनुसार, शिवजी का प्रसाद ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पाप का अंत हो जाता है लेकिन फिर भी कई धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि शिवलिंग के ऊपर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से पाप लगता है और इंसान गरीब हो जाता है

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Fri, 01 Mar 2019 1:21:35

महाशिवरात्रि 2019: शिवजी का प्रसाद ग्रहण करने से पहले जानें ये जरूरी बातें, डालती है आपके जीवन पर प्रभाव

महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2019) का पर्व फाल्गुन महीने की चतुर्दशी को मनाया जाता है जो इस साल 4 मार्च को मनाया जाएगा। सभी लोग इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ करते है और उनका आशीर्वाद पाने की चाह रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद से जुडी कुछ बातों का आपको ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि इसका आपके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता हैं। शिवपुराण के अनुसार, शिवजी का प्रसाद ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पाप का अंत हो जाता है लेकिन फिर भी कई धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि शिवलिंग के ऊपर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से पाप लगता है और इंसान गरीब हो जाता है। आइए जानते हैं इस मान्यता के पीछे का कारण…

* भाग्यवर्धक माना जाता है प्रसाद

सनातन धर्म में प्रसाद का पूजा में अत्यंत महत्व है। भगवान तथा देवों को चढ़ाया गया प्रसाद शुद्ध, पवित्र, रोगनाशक और भाग्यवर्धक माना गया है। यह हमारे आराध्य का आशीर्वाद माना जाता है लेकिन शिवजी पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण करने से मना किया गया है।

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* इसलिए नहीं खाते शिव का प्रसाद

मान्यता है कि भूत-प्रेत का प्रधान माने जाने वाला चण्डेश्वर भगवान शिव के मुंह से प्रकट हुआ था इसलिए शिवजी पर जो प्रसाद चढ़ाया जाता है वह उसी के हिस्से में आता है। इसलिए जो भी वह प्रसाद खाता है तो वह भूत-प्रेत का अंश ग्रहण कर रहा होता है। इस वजह से शिवजी का प्रसाद ग्रहण करने से मना किया गया है।

* शिवपुराण में कही गई है यह बात

शिवपुराण के 22वें अध्याय में जानकारी है कि ‘चण्डाधिकारो यत्रास्ति तद्भोक्तव्यं न मानवै:। चण्डाधिकारो नो यत्र भोक्तव्यं तच्च भक्तित:।।’ अर्थात जहां चण्ड का अधिकार है, वह प्रसाद मनुष्य के लिए नहीं है। लेकिन जहां चण्ड का अधिकार नहीं है, वह प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है।

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* इन शिवलिंग का न करें प्रसाद ग्रहण

मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए या नहीं। यह इस पर निर्भर करता है कि शिवलिंग किस धातु का बना है, जिस पर चण्डेश्वर का अधिकार नहीं हो। बताया जाता है कि साधारण मिट्टी, पत्थर और चीनी मिट्टी से बने शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण नहीं करना चाहिए। इन शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

* इन शिवलिंग का प्रसाद करें ग्रहण

बाणलिंग और पारद शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण करने योग्य होता है। इन शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद पर चंडेश्वर का भाग नहीं होता है। इसे ग्रहण करने से व्यक्ति ना केवल दोषमुक्त रहता है बल्कि उसके जीवन की बाधाएं भी नष्ट होती हैं।

* शिवजी की होती है कृपा

मान्यता है कि शिवलिंग के साथ शालग्राम की पूजा करने पर शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद खा सकते हैं। साथ ही शिवलिंग के नीचे चढ़ाया गया प्रसाद को भी खा सकते हैं। इस तरह के प्रसाद खाने से कोई नुकसान नहीं होता है तथा गरीबी नहीं आती है बल्कि शिवजी की कृपा प्राप्त होती है।

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