
किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन में सबसे ज्यादा दो चीजों की कामना होती हैं स्वस्थ जीवन और अपार धन संपदा। ऐसे में आज शनि जयंती के इस खास मौके पर आपके पास सुनहरा अवसर हैं। जी हाँ, शनिदेव के कुछ मन्त्रों का जाप आपकी अपार दौलत और निरोगी काया की चाहत को पूरा कर सकती हैं। मनोरथ सिद्धि व कष्ट-पीड़ाओं से मुक्ति के लिए शनि मंत्रों से उपासना बहुत ही मंगलकारी बताई गई है। तो आइये जानते हैं इन शनि मन्त्रों के बारे में।
वैदिक मंत्र
- ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभि स्रवन्तु न:।।
पौराणिक मंत्र
- नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्, छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनैश्चरम्।।

बीज मंत्र
- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
सामान्य मंत्र
- ॐ शं शनैश्चराय नम:
शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और इनका जाप करें
- ॐ नीलांजन नीभाय नम:
- ॐ नीलच्छत्राय नम:














