न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

चंद्र ग्रहण 4 घंटे का, जानें आपके शहर में कब दिखेगा, जपे ये मंत्र, मिलेगा फायदा

आज साल 2020 का पहला ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। यह ग्रहण पूर्ण ग्रहण न होकर एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण से काफी धुंधला होता है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Fri, 10 Jan 2020 10:02:54

चंद्र ग्रहण 4 घंटे का, जानें आपके शहर में कब दिखेगा, जपे ये मंत्र, मिलेगा फायदा

आज साल 2020 का पहला ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। यह ग्रहण पूर्ण ग्रहण न होकर एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण से काफी धुंधला होता है। आज लगने वाला चंद्र ग्रहण रात को 10 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा और अगली तारीख यानी 11 जनवरी को तड़के पौने तीन बजे तक चलेगा। भारत के अलावा ये ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका और आस्‍ट्रेलिया महाद्वीपों में भी देखा जा सकेगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि कुल 4 घंटे 01 मिनट की होगी। यह एक उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) वो ग्रहण होता है जो पूर्ण ग्रहण और आंशिक ग्रहण के मुकाबले काफी कमजोर होता है। इस ग्रहण को लोग साफतौर पर नहीं देख सकते। खास बात यह है कि इस चंद्र ग्रहण का कोई खास असर नहीं होगा।

जैसा ही हमने आपको बताया यह ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूरज और चांद के बीच पृथ्‍वी घूमते हुए आती है, लेकिन वे तीनों एक सीधी लाइन में नहीं होते। ऐसी स्थिति में चांद की छोटी सी सतह पर अंब्र नहीं पड़ती। बता दें, पृथ्वी के बीच के हिस्से से पड़ने वाली छाया को अंब्र कहते हैं। चांद के बाकी हिस्‍से में पृथ्‍वी के बाहरी हिस्‍से की छाया पड़ती है, जिसे पिनम्‍ब्र या उपच्छाया कहते हैं।

बता दें, इस साल कुल 4 चंद्र ग्रहण लगेंगे। दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जून को लगेगा। वहीं तीसरा 5 जुलाई और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा। आइए जानते हैं आज लगने वाले चंद्र ग्रहण के आरंभ, मध्यकाल के बारे में।

चंद्र ग्रहण 4 घंटे का, जानें आपके शहर में कब दिखेगा, जपे ये मंत्र, मिलेगा फायदा

क्यों खास है आज का चंद्र ग्रहण?

आपको बता दे, 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा भी है। पौष पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है लेकिन खास बात यह है कि इसी दिन चंद्रमा पर ग्रहण भी लग रहा है। चूंकि पौष का महीना सूर्य देव का माह है और पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि है, इसलिए पौष पूर्णिमा के दिन सूर्य और चंद्रमा का अद्भूत संगम होता है। कहा जाता है कि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों का पूजन करने से मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन में कोई बाधा नहीं आती है। शास्त्रों में उपच्छाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण के रुप में नहीं माना जाता है। इसलिए आज पूर्णिमा तिथि के पर्व और त्योहार मनाए जा सकेंगे। इस ग्रहण में चंद्रमा मिथुन राशि में होगा, नक्षत्र पूर्नवसु रहेगा। मिथुन राशि के लोगों को चंद्र ग्रहण के समय सावधान रहने की जरूरत पड़ेगी। पूर्नवसु नक्षत्र के लोगों को भी बेवजह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।

क्या इस चंद्र ग्रहण पर सूतक लगेगा?

आपको बता दे, चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण लगना एक एक खगोलीय घटना होती है। चंद्र ग्रहण उस खगोलिय घटना को कहा जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। वहीं, सूर्य ग्रहण तब माना जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता। वैसे ग्रहण से करीब 12 घंटे पहले सूतक की शुरुआत हो जाती है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार उपच्छाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है और यही वजह कि बाकी ग्रहणों की तरह इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा। इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल न लगने की वजह से मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं किए जाएंगे और न ही पूजा-पाठ वर्जित होगी।

इस ग्रहण की सावधानियां और नियम क्या हैं?

यह ग्रहण चन्द्रमा का उपच्छाया ग्रहण है। यह सामान्य रूप से देखा नहीं जा सकेगा। इसमें चन्द्रमा पर केवल छाया की स्थिति रहेगी। इसमें चन्द्रमा सामान्य रूप से नहीं देखा जा सकेगा इसलिए इसमें किसी के लिए कोई भी सूतक के नियम लागू नहीं होंगे। पूर्णिमा की पूजा उपासना भी विधि विधान से की जा सकेगी।

चंद्रग्रहण की कथा

समुद्र मंथन के दौरान जब देवों और दानवों के साथ अमृत पान के लिए विवाद हुआ तो इसको सुलझाने के लिए मोहनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया। जब भगवान विष्णु ने देवताओं और असुरों को अलग-अलग बिठा दिया। लेकिन असुर छल से देवताओं की लाइन में आकर बैठ गए और अमृत पान कर लिया। देवों की लाइन में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने राहु को ऐसा करते हुए देख लिया। इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन राहु ने अमृत पान किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु के नाम से जाना गया। इसी कारण राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को ग्रस लेते हैं। इसलिए चंद्रग्रहण होता है।

चंद्र ग्रहण 4 घंटे का, जानें आपके शहर में कब दिखेगा, जपे ये मंत्र, मिलेगा फायदा

किस शहर में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण

दिल्ली

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट


देहरादून

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

वाराणसी

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

शिमला

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

श्रीनगर

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

चंडीगढ

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

जयपुर

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

जम्मू

ग्रहण शुरू होने का समय- 10:39
परमग्रास का समय - 12:39
ग्रहण के समाप्त होने का समय - 02:40
खण्डग्रास की अवधि- 04 घंटे 01 मिनट

चंद्र ग्रहण 4 घंटे का, जानें आपके शहर में कब दिखेगा, जपे ये मंत्र, मिलेगा फायदा

क्या चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन ही पड़ता है?

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ता है लेकिन हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं पड़ता है। इसका कारण है कि पृथ्वी की कक्षा पर चंद्रमा की कक्षा का झुके होना। यह झुकाव तकरीबन 5 डिग्री है इसलिए हर बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश नहीं करता। उसके ऊपर या नीचे से निकल जाता है। यही बात सूर्यग्रहण के लिए भी सच है।

सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन होते हैं क्योंकि चंद्रमा का आकार पृथ्वी के आकार के मुकाबले लगभग 4 गुना कम है। इसकी छाया पृथ्वी पर छोटी आकार की पड़ती है इसीलिए पूर्णता की स्थिति में सूर्य ग्रहण पृथ्वी के एक छोटे से हिस्से से ही देखा जा सकता है। लेकिन चंद्र ग्रहण की स्थिति में धरती की छाया चंद्रमा के मुकाबले काफी बड़ी होती है। लिहाजा इससे गुजरने में चंद्रमा को ज्यादा वक्त लगता है।

चंद्रग्रहण के दौरान जपे ये मंत्र

ज्योतिष में ग्रहण का विशेष महत्व माना गया है। खासतौर से मंत्रों की सिद्धि के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। ग्रहण काल में मंत्र जपने के लिए माला की भी जरूरत नहीं होती हैं।

- नौकरी एवं व्यापार में वृद्धि हेतु "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:" मंत्र का जाप करें।

- मुकदमे में विजय के लिए "ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा" मंत्र का जाप करें। इसमें 'सर्वदुष्टानां' की जगह जिससे छुटकारा पाना हो उसका नाम लें।

- यदि आपके शत्रुओं की संख्या अधिक है तो बगुलामुखी का मंत्र जाप करें। "ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:।"

- वाक् सिद्धि हेतु "ॐ ह्लीं दुं दुर्गाय: नम:" का जाप करें।

- लक्ष्मी प्राप्ति हेतु तांत्रिक मंत्र "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:" का जाप करें।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

'ब्रेन, हार्ट, फेफड़े... शरीर के सभी प्रमुख अंग गायब', वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव ने खड़े किए कई सवाल
'ब्रेन, हार्ट, फेफड़े... शरीर के सभी प्रमुख अंग गायब', वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव ने खड़े किए कई सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच ने पकड़ी रफ्तार, 70 लोगों को भेजे गए नोटिस; कई स्तरों पर होगी पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच ने पकड़ी रफ्तार, 70 लोगों को भेजे गए नोटिस; कई स्तरों पर होगी पूछताछ
केतन अग्रवाल हत्याकांड: जांच के लिए 300 फीट खाई में गिराई फाइबर डमी, लोहागढ़ पर फिर रीक्रिएट हुआ क्राइम सीन
केतन अग्रवाल हत्याकांड: जांच के लिए 300 फीट खाई में गिराई फाइबर डमी, लोहागढ़ पर फिर रीक्रिएट हुआ क्राइम सीन
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संजय राउत का हमला, बोले- 'सिर्फ छोटे लोगों पर कार्रवाई हुई, बड़े जिम्मेदारों को भी गिरफ्तार करें'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संजय राउत का हमला, बोले- 'सिर्फ छोटे लोगों पर कार्रवाई हुई, बड़े जिम्मेदारों को भी गिरफ्तार करें'
'कॉकटेल 2' की रफ्तार बरकरार, 12वें दिन कमाई में आया उछाल; 100 करोड़ क्लब से अब बस कुछ कदम दूर
'कॉकटेल 2' की रफ्तार बरकरार, 12वें दिन कमाई में आया उछाल; 100 करोड़ क्लब से अब बस कुछ कदम दूर
सिया गोयल के समर्थन में पोस्ट करना महिला डेंटिस्ट को पड़ा महंगा, #IHateMen लिखने पर 5 साल के लिए निलंबित
सिया गोयल के समर्थन में पोस्ट करना महिला डेंटिस्ट को पड़ा महंगा, #IHateMen लिखने पर 5 साल के लिए निलंबित
लोहागढ़ किले पर होगा सिया के ब्वॉयफ्रेंड चेतन का 'सीक्रेट टेस्ट', फॉरेंसिक जांच से सामने आएगा पूरा सच
लोहागढ़ किले पर होगा सिया के ब्वॉयफ्रेंड चेतन का 'सीक्रेट टेस्ट', फॉरेंसिक जांच से सामने आएगा पूरा सच
जैस्मीन भसीन ने साझा किया हेल्थ अपडेट, बोलीं- अभी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हूं
जैस्मीन भसीन ने साझा किया हेल्थ अपडेट, बोलीं- अभी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हूं
खान सर को अभी नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत पर 3 जुलाई को होगी सुनवाई; पटना हाई कोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
खान सर को अभी नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत पर 3 जुलाई को होगी सुनवाई; पटना हाई कोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
'लॉक अप: सच या सजा 2' में कंगना रनौत की होगी खास एंट्री, पहले एलिमिनेशन में बढ़ेगा रोमांच; 5 कंटेस्टेंट्स पर लटकी बाहर होने की तलवार
'लॉक अप: सच या सजा 2' में कंगना रनौत की होगी खास एंट्री, पहले एलिमिनेशन में बढ़ेगा रोमांच; 5 कंटेस्टेंट्स पर लटकी बाहर होने की तलवार
पश्चिम बंगाल: 'शहीद दिवस' कार्यक्रम पर पुलिस की रोक से नाराज टीएमसी, कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
पश्चिम बंगाल: 'शहीद दिवस' कार्यक्रम पर पुलिस की रोक से नाराज टीएमसी, कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
'वेलकम टू द जंगल' से क्यों अलग हुए संजय दत्त? शूटिंग पूरी करने के बाद भी छोड़नी पड़ी फिल्म, निर्देशक अहमद खान ने बताई वजह
'वेलकम टू द जंगल' से क्यों अलग हुए संजय दत्त? शूटिंग पूरी करने के बाद भी छोड़नी पड़ी फिल्म, निर्देशक अहमद खान ने बताई वजह
होटल जैसा चिकन नान अब घर पर बनाएं, आसान रेसिपी से मिनटों में मिलेगा लाजवाब स्वाद
होटल जैसा चिकन नान अब घर पर बनाएं, आसान रेसिपी से मिनटों में मिलेगा लाजवाब स्वाद
'वेलकम टू द जंगल' की कमाई में आया उछाल, भारत में 81 करोड़ का आंकड़ा पार; वर्ल्डवाइड कलेक्शन 120 करोड़ के पार पहुंचा
'वेलकम टू द जंगल' की कमाई में आया उछाल, भारत में 81 करोड़ का आंकड़ा पार; वर्ल्डवाइड कलेक्शन 120 करोड़ के पार पहुंचा