अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पनामा के झंडे वाला कार्गो शिप M/V Ocean Molica, जिसे 'अरिका सन' के नाम से भी जाना जाता है, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से जुड़े निर्देशों की अनदेखी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी फाइटर जेट ने जहाज के पिछले हिस्से पर हमला किया, जिससे उसका प्रोपल्शन सिस्टम निष्क्रिय हो गया और जहाज की आगे बढ़ने की क्षमता समाप्त हो गई। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई में जहाज के चालक दल के किसी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू कर रखी है। इस कदम के तहत क्षेत्र से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को निर्देश दिए जा रहे हैं। अमेरिकी कमान का कहना है कि इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले जहाजों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिकी फाइटर जेट ने जहाज के पिछले हिस्से को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी दी। कमान के मुताबिक, अमेरिकी फाइटर जेट ने पनामा के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ocean Molica के पिछले हिस्से पर हमला किया। इस हमले का उद्देश्य जहाज की आगे बढ़ने की क्षमता को खत्म करना था और इसके बाद उसका प्रोपल्शन सिस्टम काम करना बंद कर गया। CENTCOM के अनुसार, जहाज को पहले चेतावनी दी गई थी और उसे नाकेबंदी से जुड़े निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया था। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज ने इन चेतावनियों और निर्देशों को नजरअंदाज किया और नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद अमेरिकी सेना ने कार्रवाई करते हुए जहाज को निष्क्रिय कर दिया।अमेरिकी सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले में चालक दल के सदस्यों को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जहाज को हुए अन्य संभावित नुकसान या उसके आगे के संचालन को लेकर विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
ईरानी बंदरगाह से रवाना हुआ था मालवाहक जहाज
CENTCOM के मुताबिक, बल्क कैरियर जहाज ईरान के एक बंदरगाह से रवाना होने के बाद क्षेत्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहा था। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू की हुई है। इसके तहत अमेरिकी सेना व्यावसायिक जहाजों को चेतावनी देती है और उन्हें निर्धारित निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ने के लिए कहती है। अमेरिकी कमान के अनुसार, जो जहाज इन निर्देशों का पालन करते हैं, उन्हें दूसरे समुद्री मार्ग पर भेज दिया जाता है। वहीं, आदेशों की अवहेलना करने वाले जहाजों को रोकने या निष्क्रिय करने के लिए सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ओमान की खाड़ी में कार्गो शिप पर किया गया हमला इसी व्यवस्था के तहत की गई कार्रवाई बताया गया है। हालांकि, इस घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयान पर आधारित है। जहाज के संचालक या ईरान की ओर से इस कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया संदर्भ सामग्री में शामिल नहीं है।
तीन महीने में 135 जहाजों को लौटाने का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 10 अक्टूबर को जारी बयान में नाकेबंदी के दौरान की गई कार्रवाइयों का ब्योरा दिया था। CENTCOM के दावे के अनुसार, नाकेबंदी लागू करने के पिछले तीन महीनों में चार व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 135 जहाजों को वापस लौटाया गया। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सेना ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कथित गुप्त समुद्री परिवहन नेटवर्क से जुड़े 10 टैंकरों को नष्ट करने की बात भी कही थी। ये आंकड़े अमेरिकी कमान की ओर से जारी किए गए हैं। ईरानी बंदरगाहों से जुड़े समुद्री यातायात पर प्रतिबंध और जहाजों को वापस लौटाने जैसी कार्रवाइयों के बीच क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हैं। ऐसे में इन इलाकों में सैन्य गतिविधियों का बढ़ना समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता पैदा कर रहा है।
जहाजों और नाविकों को अमेरिकी सेना की चेतावनी
ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास समुद्री यातायात करने वाले जहाजों के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। कमान ने नाविकों और जहाजों के चालक दल से नाकेबंदी संबंधी नियमों पर ध्यान देने को कहा है। CENTCOM ने जहाजों को 'नोटिस टू मेरिनर्स' प्रसारण पर नजर रखने और क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक कर्मियों के साथ संपर्क बनाए रखने की सलाह भी दी है। इसके लिए ब्रिज-टू-ब्रिज रेडियो संचार के चैनल 16 का इस्तेमाल करने को कहा गया है। यह निर्देश जहाजों और संबंधित समुद्री अधिकारियों के बीच संचार बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है। ओमान की खाड़ी और होर्मुज के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना की यह कार्रवाई क्षेत्रीय जहाजरानी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। फिलहाल, अमेरिकी पक्ष ने जहाज को निष्क्रिय करने और चालक दल के सुरक्षित रहने की जानकारी दी है। इस घटना के बाद समुद्री यातायात पर नाकेबंदी के प्रभाव और क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।














