फ्लाई दुबई के विमान में भारतीय पायलट स्मित माछर पर ओमानी को-पायलट के हमले के बाद सामने आए मामले को लेकर ईरान का नाम जोड़े जाने पर तेहरान ने कड़ा जवाब दिया है। ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उसके खिलाफ कथित तौर पर झूठे और छेड़छाड़ किए गए सबूतों के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस पूरे मामले को लेकर इजरायल और कुछ यूरोपीय देशों पर भी निशाना साधा। बघाई ने कहा कि पिछले सात महीनों में दुनिया ने जिस तरह की घटनाएं देखी हैं, यह मामला उसी तरह की स्थिति की याद दिलाता है। उनके मुताबिक इजरायल और कुछ यूरोपीय देशों का झूठ बोलने का इतिहास रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पेश किए जा रहे सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है और ईरान को इससे जोड़ने वाले आरोपों का कोई आधार नहीं है।
कॉकपिट में भारतीय पायलट पर हुआ था हमला
फ्लाई दुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी, जब ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित माछर पर हमला कर दिया। को-पायलट ने कॉकपिट में रखी छोटी धारदार कुल्हाड़ी से माछर पर हमला किया था। हमले के बावजूद भारतीय पायलट ने स्थिति का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद क्रू सदस्यों और विमान में मौजूद यात्रियों ने ओमानी को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया।
इस घटना के दौरान विमान की उड़ान भी सामान्य नहीं रही और उसकी ऊंचाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
34 हजार फीट से करीब 16,600 फीट पर आ गया विमान
घटना के दौरान विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। बाद में इसकी ऊंचाई घटकर लगभग 16,600 फीट रह गई। यानी कुछ ही समय में विमान करीब 17,400 फीट नीचे आ गया।
स्थिति गंभीर होने के बाद विमान से इमरजेंसी सिग्नल भी जारी किया गया। संदर्भ सामग्री के अनुसार पहला इमरजेंसी सिग्नल 1:32 बजे ईटी पर भेजा गया था। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और वह सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतर गया।
स्मित माछर की बहादुरी की हुई चर्चा
फ्लाई दुबई विमान में हुई इस घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित माछर की भूमिका की खास तौर पर चर्चा हुई। हमले के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद क्रू और यात्रियों की मदद से ओमानी को-पायलट को काबू में किया गया और विमान को सुरक्षित उतारा गया।
इसी विमान कांड को लेकर ईरान का नाम सामने आने के बाद अब ईरानी विदेश मंत्रालय ने सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं और जिन सबूतों के आधार पर इन्हें पेश किया जा रहा है, उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है।














