होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय जहाजों पर हुए कथित हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने कहा है कि अमेरिकी नेतृत्व तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और हालिया घटनाओं से वैश्विक समुदाय का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान का कहना है कि जिन घटनाओं को लेकर उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वास्तव में उनमें अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की भूमिका रही है। तेहरान ने दावा किया कि हाल के दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसके चलते भारतीय नागरिकों की जान भी गई।
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने जारी किया बयान
भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत प्रतिक्रिया साझा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों को निराधार बताया। दूतावास ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय जहाज पर हमले में ईरान की संलिप्तता के दावे तथ्यात्मक आधार से रहित हैं और इन्हें राजनीतिक उद्देश्य से प्रचारित किया जा रहा है।
बयान में कहा गया कि हाल की घटनाओं के संदर्भ में अमेरिका पर उठ रहे सवालों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। दूतावास ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिकों की मौत जैसी संवेदनशील घटनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिका पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप
ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेहरान का दावा है कि पिछले कुछ दिनों के भीतर भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों को अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।
ईरानी पक्ष ने इन घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी रवैये की आलोचना की। दूतावास के अनुसार, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दावा करने वाला अमेरिका खुद ऐसे कदम उठा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय नौवहन व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं।
The U.S. president`s accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM
— Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026
ट्रंप ने ईरान को बताया था जिम्मेदार
इस पूरे विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि इस प्रकार की गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।
हालांकि ट्रंप के आरोपों के समर्थन में अब तक कोई स्वतंत्र या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि की गई जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसी कारण उनके बयान पर विभिन्न स्तरों पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी साधा निशाना
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापारिक जहाजों से जुड़ी घटनाएं अमेरिका की कथित आक्रामक समुद्री नीति का उदाहरण हैं। उनके मुताबिक ऐसी कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की भावना के विपरीत हैं।
बघाई ने उन भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की जिनकी जान इन घटनाओं में गई। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वैश्विक समुदाय से हस्तक्षेप की अपील
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विश्व समुदाय से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। तेहरान का कहना है कि यदि समुद्री मार्गों पर इस प्रकार की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया तो इसका असर वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कानून आधारित व्यवस्था बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तिशाली देश अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
भारतीय नाविकों की मौत और जहाजों पर कथित हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर दिया है। दोनों देश एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और अपने-अपने दावों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
एक ओर अमेरिका इन घटनाओं के लिए ईरान को जिम्मेदार बता रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान अमेरिका पर सीधे तौर पर समुद्री हमलों का आरोप लगा रहा है। ऐसे में यह विवाद अब केवल दो देशों के बीच का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ा बड़ा विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर वैश्विक समुदाय की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।














