पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारत में सरकार बदलने की प्रक्रिया और बांग्लादेश के मौजूदा हालात को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें पीएम ने सभी राजनीतिक दलों से देशहित में एकजुट होकर काम करने और जनता की उम्मीदों को पूरा करने का आग्रह किया था। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में किसी भी सरकार को बदलने का उचित तरीका लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया ही है। उन्होंने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी व्यवस्था का सम्मान करने की जरूरत पर भी जोर दिया। शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश के हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में ऐसी स्थिति पैदा नहीं हो सकती, जिसमें कुछ लोग अचानक राष्ट्रपति भवन या संसद में घुस जाएं। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की कोई घटना होती है, तो देश के 80 प्रतिशत लोग इसका विरोध करेंगे। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से की है।
पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से क्यों की एकजुट होने की अपील?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में विजयादशमी के कार्यक्रम के दौरान सभी राजनीतिक दलों से देशहित को प्राथमिकता देने और मिलकर काम करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक दलों को लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। पीएम मोदी की यह अपील ऐसे समय आई है, जब केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़े महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान देशवासियों से ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि का संकल्प लेने की अपील भी की। उन्होंने लोगों से देश को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि जो ताकतें देश को नुकसान पहुंचाती हैं, जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं और जो मानसिकता भारतीय संस्कृति से नफरत करती है, वे सभी राष्ट्र के दुश्मन हैं।
मतदाता सूची के SIR को लेकर जारी है विरोध
प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई, जब विपक्ष और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच शुभेंदु अधिकारी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने के लिए चुनावी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर था कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावों के माध्यम से ही होना चाहिए।
भारत की आर्थिक और रक्षा क्षेत्र में प्रगति का भी किया जिक्र
शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में भारत की आर्थिक और रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले भारत दूसरे देशों से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उनके मुताबिक, भारत आज 50 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं की सूची में 12वें स्थान पर था, जबकि अब वह चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।













