उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच मुकाबला जारी है। 27 अक्टूबर को शुरू हुई मतगणना में मेरठ की स्नातक और शिक्षक, दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी भाजपा के खाते में गया, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की। बाकी सीटों पर मतगणना के दौरान अलग-अलग प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
इन चुनावों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटें शामिल हैं। मतगणना के लिए लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में केंद्र बनाए गए। मंगलवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मतपत्रों की गिनती और अलग-अलग चरणों में परिणाम सामने आने के कारण कई सीटों पर स्थिति देर रात तक स्पष्ट नहीं हो सकी।
मेरठ की दोनों सीटों पर भाजपा की जीत
मेरठ-सहारनपुर खंड की स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल ने जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के प्रमेंद्र सिंह भाटी को 12,855 वोटों से हराया। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने सपा के नितिन तोमर को 13,241 मतों के अंतर से पराजित किया। दोनों सीटों पर जीत के साथ भाजपा ने मेरठ में अपनी स्थिति बरकरार रखी।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट भी भाजपा के खाते में
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने जीत हासिल की। उन्हें 21,672 वोट मिले, जबकि सपा के हाजी दानिश अख्तर को 3,996 मत प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा ने यह सीट भी अपने नाम कर ली। शुरुआती रिपोर्ट में वोटों के आंकड़ों को लेकर भ्रम था, लेकिन उपलब्ध परिणामों में सपा प्रत्याशी के मत 3,996 दर्ज किए गए हैं।
वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव जीते
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को हराकर जीत दर्ज की। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में लाल बिहारी यादव को 10,958 वोट मिले, जबकि डॉ. मिश्रा को 6,060 मत प्राप्त हुए। प्रथम वरीयता में जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा पूरा नहीं होने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती भी की गई। इसके बाद लाल बिहारी यादव की जीत की पुष्टि हुई।
झांसी में सपा के मान सिंह यादव आगे
झांसी-अल्लाहाबाद खंड की स्नातक सीट पर मतगणना के शुरुआती चरणों में सपा प्रत्याशी मान सिंह यादव भाजपा के अशोक कुमार राठौर से आगे चल रहे थे। दिए गए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, चौथे राउंड में मान सिंह यादव को 19,454 वोट मिले, जबकि अशोक कुमार राठौर को 15,203 मत प्राप्त हुए। हालांकि, यह चरणवार स्थिति थी और इसे अंतिम परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
लखनऊ की दोनों सीटों पर मतगणना
लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उमेश द्विवेदी बढ़त बनाए हुए थे। मतगणना के एक चरण में उन्हें 7,189 वोट मिले, जबकि सपा के सुशील कुमार को 3,537 मत प्राप्त हुए। दूसरी ओर, लखनऊ स्नातक सीट पर शुरुआती गिनती में सपा प्रत्याशी कांति सिंह आगे थीं। शुरुआती आंकड़ों में कांति सिंह को 490 और भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार को 230 वोट मिले थे। ये आंकड़े सीमित मतगणना पर आधारित थे, इसलिए इन्हें अंतिम नतीजा नहीं समझा जाना चाहिए।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी की बढ़त
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के शुरुआती दौर में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव आगे चल रहे थे। दिए गए दूसरे चक्र के आंकड़ों में उन्हें 3,753 वोट मिले, जबकि भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी को 3,610 और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी को 2,741 मत प्राप्त हुए। शुरुआती दौर में राजीव यादव की बढ़त ने इस सीट के मुकाबले को दिलचस्प बना दिया था, लेकिन इन आंकड़ों से अंतिम नतीजे का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
आगरा में शिक्षक और स्नातक सीटों पर अलग-अलग रुझान
आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती गिनती के दौरान भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह को 5,848 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी शशांक यादव को 5,134 मत प्राप्त हुए थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल भाजपा के हरि किशोर तिवारी से आगे चल रहे थे। शुरुआती आंकड़ों में आकाश अग्रवाल को 6,701 और हरि किशोर तिवारी को 4,013 वोट मिले। इन सीटों पर मतगणना के अलग-अलग चरणों के आंकड़े सामने आ रहे थे।
वाराणसी स्नातक सीट पर भी मुकाबला जारी
वाराणसी खंड की स्नातक सीट पर भाजपा के केदारनाथ सिंह और सपा के आशुतोष सिन्हा के बीच मुकाबला था। शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत हो चुकी थी, लेकिन स्नातक सीट के लिए मतगणना जारी रहने के कारण उसका परिणाम अलग से सामने आना था। इस तरह 11 सीटों के चुनाव में कुछ सीटों के नतीजे घोषित हो चुके थे, जबकि अन्य पर अंतिम तस्वीर मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होनी थी।














