
इजराइल के कमर तोड़ अटैक से सीरिया घुटनों पर आ गया है। इजराइली एयरफोर्स के एक के बाद एक दर्दनाक और शक्तिशाली प्रहारों ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। सीरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने दावा किया कि सेना के हस्तक्षेप से ड्रूज बहुल स्वेदा शहर में अब जाकर संघर्ष विराम लागू हुआ है। इससे पहले इजराइली हमलों ने दमिश्क जैसे बड़े शहर को भी हिला कर रख दिया था। स्वेदा की ओर बढ़ रही सीरियाई फोर्स की टुकड़ियों को निशाना बनाकर कई टैंकों को नष्ट कर दिया गया, जिससे भारी क्षति हुई।
सीरिया के ड्रूज समुदाय बहुल स्वेदा शहर में बीते चार दिनों से ड्रूज और बैदोइन समुदाय के बीच जबरदस्त हिंसा चल रही थी। इसमें तकरीबन 300 ड्रूज समुदाय के लोगों की मौत का दावा किया गया है, जो बेहद दर्दनाक और मानवीय त्रासदी को दर्शाता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सीरिया के सुरक्षा बल भी ड्रूज समुदाय पर हमले कर रहे थे, जिससे स्थिति और भी नाजुक हो गई। इसी बीच जब इजराइल ने सीरिया बॉर्डर पर हालात बिगड़ते देखे, तो उसने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए दमिश्क पर ताबड़तोड़ हमले किए। सेना के मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय समेत सीरिया के करीब 160 ठिकानों को निशाना बनाया गया – एक ऐसा हमला जो वर्षों तक याद रखा जाएगा।
इन हमलों में कई टैंक और सैन्य सुविधाएं ध्वस्त कर दी गईं। हालांकि सीरिया की तरफ से यह दावा किया गया है कि अब स्वेदा में हालात सामान्य होने की दिशा में हैं और ड्रूज व बैदोइन समुदायों में युद्धविराम हो गया है। मगर इस शांति की घोषणा के बावजूद यह आशंका बनी हुई है कि इजराइली हमले अभी थमे नहीं हैं और आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
स्वेदा में सीजफायर, लेकिन आशंका बरकरार – बनाई जा रही हैं चौकियां
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने ऐलान किया कि ड्रूज बहुल स्वेदा शहर में युद्धविराम लागू कर दिया गया है। सरकार की ओर से इलाके में सुरक्षा जांच चौकियां स्थापित की जा रही हैं ताकि आगे हिंसा पर नियंत्रण पाया जा सके। अरबी मीडिया में शेख युसुफ जार्बू के एक वीडियो संदेश में बताया गया कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी अब राज्य बलों की होगी और राज्य संस्थाएं धीरे-धीरे फिर से कामकाज शुरू करेंगी। इस दौरान हुई सभी हिंसक घटनाओं और अपराधों की जांच के लिए ड्रूज और शासन की संयुक्त समिति बनाई जाएगी। साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई भी तय की गई है।
ड्रूज समुदाय का बयान – “यह सीजफायर महज़ एक छलावा है, हम लड़ाई जारी रखेंगे”
स्वेदा में घोषित युद्धविराम के बाद भी ड्रूज समुदाय का रोष कम नहीं हुआ है। उनके आधिकारिक पेज पर प्रकाशित बयान में कहा गया कि वे आतंकी गुटों से तब तक लड़ते रहेंगे जब तक अपनी जमीन से उनका नामोनिशान मिटा न दें। उन्होंने यह भी दोहराया कि जो खुद को सरकार कहते हैं, उनसे कोई समझौता नहीं होगा। स्वेदा के प्रमुख धर्मगुरु शेख हिकमत अल हिजरी ने सीजफायर का खुला विरोध किया और साफ कहा – “हम झुकेंगे नहीं, संघर्ष जारी रहेगा।”
इजराइली हमलों से सीरियाई सेना को बड़ा नुकसान
इजराइल द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई ने सीरिया की सुरक्षा व्यवस्था की नींव को हिला कर रख दिया है। सीरियाई सुरक्षा बलों को काफी नुकसान हुआ है – भारी मात्रा में वाहन और सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। इजराइली सेना IDF के अनुसार, सोमवार से अब तक 160 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक हमले स्वेदा क्षेत्र में हुए हैं। दमिश्क में स्थित जनरल स्टाफ कमांड और राष्ट्रपति भवन के पास स्थित एक अन्य सैन्य ठिकाने पर भी निशाना साधा गया। आईडीएफ का कहना है कि ये हमले इसलिए जरूरी थे क्योंकि यहीं से स्वेदा में सेना भेजने के आदेश दिए गए थे।
इजराइल का कड़ा संदेश – “स्वेदा को अकेला छोड़ दें”
इजराइली अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सीरियाई शासन को स्वेदा में हस्तक्षेप बंद कर देना चाहिए और अपनी सेना को वहां से हटा लेना चाहिए। कैट्ज ने कहा कि इजराइल ने सीरिया को कड़ी चेतावनी दे दी है – “हम ड्रूज समुदाय को अकेला नहीं छोड़ेंगे। IDF तब तक हमले करता रहेगा जब तक सीरियाई बल वहां से पूरी तरह वापस नहीं चले जाते। अगर चेतावनी नहीं मानी गई, तो इजराइल की प्रतिक्रिया और भी तीव्र होगी।”














