
उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने दोस्ती जैसे रिश्ते को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। मामूली विवाद के चलते दो युवकों ने अपने ही करीबी मित्र की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मृतक मोनू को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके अपने दोस्त ही उसके लिए मौत का जाल बिछा रहे हैं। दोनों आरोपियों ने उसे रेलवे ट्रैक पर मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने के बाद तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। जैसे-जैसे नशा बढ़ता गया, आरोपियों ने मोनू पर उसकी प्रेमिका से बात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब उसने मना किया, तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्से में आकर दोनों ने पहले उसकी पिटाई की और फिर उसे चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया।
25 वर्षीय मोनू कश्यप का शव 21 अप्रैल को थाना कांधला क्षेत्र के गांव जसाला के पास पंजोखरा रेलवे लाइन के नजदीक गंभीर हालत में पाया गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक की मां ने गांव के ही दो युवकों पर हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गांव के ही सचिन और शुभम को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मृतक के करीबी दोस्त थे और उन्होंने पूर्व योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि मोनू की दो प्रेमिकाएं थीं, जिनमें से एक से बात कराने को लेकर उसके दोस्तों के साथ विवाद चल रहा था। 24 अप्रैल को आरोपियों ने उसे रेलवे ट्रैक के पास बुलाया और वहां शराब पीने के दौरान फिर वही मांग दोहराई। इंकार मिलने पर दोनों का गुस्सा बेकाबू हो गया और उन्होंने खौफनाक साजिश को अंजाम देने का फैसला कर लिया।
पुलिस को दिए बयान में आरोपियों ने बताया कि वे रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन करीब आई, उन्होंने नशे में धुत मोनू को अचानक धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कश्यप समाज के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।














