लखनऊ: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उठी हलचल और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के भीतर संभावित टूट को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं। इन चर्चाओं को और हवा तब मिली जब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान सामने आए। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह ओम प्रकाश राजभर ने एक और बड़ा दावा करते हुए संकेत दिया कि यदि सपा में बगावत होती है तो उसका नेतृत्व कौन कर सकता है।
लगातार दूसरे दिन अखिलेश यादव पर हमलावर रहे राजभर
गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर पिछले एक दिन से लगातार समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साध रहे हैं। बुधवार को उन्होंने एक ऐसा बयान दिया था जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी थी। राजभर ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के भीतर जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा था कि सपा में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने वाला है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है।
'बागी बलिया' का नेता संभालेगा मोर्चा: राजभर
गुरुवार को अपने ताजा पोस्ट में ओम प्रकाश राजभर ने सपा में संभावित बगावत को लेकर और स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने लिखा, "कल से लोग लगातार पूछ रहे हैं कि समाजवादी पार्टी में आखिर कैसी टूट होने वाली है। तो सुन लीजिए, सपा के असंतुष्ट सांसदों के समूह का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की बागी धरती बलिया का एक नेता करेगा।"
राजभर ने आगे कहा कि ऐसा होना स्वाभाविक भी है, क्योंकि हाल ही में सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन के दौरान जिस प्रकार ब्राह्मण समाज की उपेक्षा हुई, उससे बलिया का वह नेता बेहद आहत है। उन्होंने दावा किया कि असंतोष की योजना पहले से तैयार थी, लेकिन सम्मेलन में हुई घटनाओं ने स्थिति को और भड़का दिया। उनके मुताबिक, अब पार्टी में विभाजन की संभावना और मजबूत हो गई है और टूट होकर रहेगी।
कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है?
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
तो सुनो!
सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा।
और करे भी क्यों न?
कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल…
'सांसद बचाओ अभियान' चलाएं अखिलेश यादव
राजभर ने अपनी प्रतिक्रिया को लेकर सपा नेताओं द्वारा दिए जा रहे जवाबों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उनके एक बयान के बाद जिस तरह पूरा सैफई परिवार सफाई देने और उन पर हमला बोलने में जुट गया, उससे बेहतर होता कि अखिलेश यादव अपनी ऊर्जा पार्टी के नाराज सांसदों को मनाने में लगाते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर "सांसद बचाओ अभियान" शुरू करना चाहिए। राजभर ने कहा कि यदि पार्टी के सांसद वास्तव में नाराज और निराश हैं तो सपा प्रमुख को खुद उनके घर जाकर बातचीत करनी चाहिए और जरूरत पड़े तो उनसे माफी भी मांगनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने भी दिया करारा जवाब
ओम प्रकाश राजभर के लगातार हमलों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पलटवार किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने राजभर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग दूसरों के राजनीतिक भविष्य की भविष्यवाणी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने तंज भरे अंदाज में कहा कि राजभर को पहले यह बताना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें आगामी चुनावों में 75 सीटें देने जा रही है, 50 सीटें देने वाली है या फिर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर कुछ लोगों से अग्रिम लाभ लेने की चर्चा है और अब वे लोग उनसे जवाब मांग रहे हैं।
सपा और सुभासपा के बीच जारी यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या फिर वास्तव में किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का रूप लेता है।














