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एआई वीडियो तक सिमटी सपा की राजनीति? अखिलेश यादव पर राजभर का तीखा हमला

ओम प्रकाश राजभर ने एआई वीडियो को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा और सपा का नाम ‘एआई-वादी’ रखने का तंज कसते हुए 2027 चुनाव पर टिप्पणी की।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 25 Oct 2026 5:33:57

एआई वीडियो तक सिमटी सपा की राजनीति? अखिलेश यादव पर राजभर का तीखा हमला

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एआई से बनाए जा रहे वीडियो को लेकर निशाना साधा है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अखिलेश यादव सैफई महोत्सव नहीं मना पाने का मलाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए पूरा कर रहे हैं। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उन्हें एआई का इतना ही शौक है, तो समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर ‘एआई-वादी’ रख लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा और सिद्धांतों के आधार पर समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई थी, आज उसकी राजनीति एआई वीडियो और सोशल मीडिया तक सीमित होती दिखाई दे रही है।

एआई वीडियो को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की स्थापना और उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पिता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की नींव समाजवादी विचारों और कई प्रमुख नेताओं के सिद्धांतों के आधार पर रखी थी। इनमें जय प्रकाश नारायण, डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, कर्पूरी ठाकुर, चौधरी चरण सिंह और जनेश्वर मिश्रा जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। राजभर का आरोप है कि जिन सिद्धांतों को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी खड़ी हुई थी, आज उसी पार्टी की राजनीति एआई से तैयार किए जा रहे वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों तक सिमटती नजर आ रही है। उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कभी ‘धरतीपुत्र’ मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक उत्तराधिकारी कहे जाने वाले अखिलेश अब एसी कमरे में बैठकर एआई वीडियो बनाने में लगे हैं।

सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति का वास्तविक आधार गांव, गरीब और किसान के बीच पहुंचना तथा लोगों की समस्याओं को समझना है। उनके मुताबिक, जनता के बीच जाकर मेहनत करने और उनकी परेशानियों को सुनने के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर नाच-गाने वाले वीडियो बनाना या एआई रील तैयार करना राजनीतिक जनसंपर्क का विकल्प नहीं हो सकता।

करीब 10 साल से सत्ता से बाहर रहने का मुद्दा उठाया

राजभर ने अखिलेश यादव के राजनीतिक कार्यकाल और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव करीब 10 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं और इस दौरान उन्हें प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों से लगातार संवाद करना चाहिए था। सुभासपा प्रमुख के अनुसार, अखिलेश यादव चाहते तो पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग गांवों का दौरा कर सकते थे, स्थानीय लोगों से मिल सकते थे और उनकी समस्याओं को समझ सकते थे। उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय सोशल मीडिया और एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने पर अधिक ध्यान दिया गया।

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अब जब समाजवादी पार्टी की राजनीतिक जमीन कमजोर हो रही है, तो जनता के बीच जाने के बजाय एआई से वीडियो बनाकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोरंजन किया जा रहा है। हालांकि, ये टिप्पणियां राजभर के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें अखिलेश यादव की ओर से स्वीकार किए गए तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

गैर-यादव पिछड़े वर्ग और बहुजन समाज का भी किया जिक्र

अपने बयान में ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश के गैर-यादव पिछड़े वर्ग और बहुजन समाज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इन वर्गों के लोग अब पुराने राजनीतिक नारों और दावों से प्रभावित होने वाले नहीं हैं। राजभर के मुताबिक, अति पिछड़े वर्गों और बहुजन समाज को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो उनके बीच पहुंचे, उनकी समस्याओं को समझे और उनके हितों के लिए संघर्ष करे।

उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेत-खलिहान और गांवों से दूरी बनाकर इंटरनेट पर एआई वीडियो बनाने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। राजभर ने जोर दिया कि राजनीतिक समर्थन पाने के लिए लोगों से सीधा संपर्क और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना जरूरी है।

उनकी टिप्पणी का केंद्र यही आरोप रहा कि समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक राजनीतिक आधार और जमीनी संपर्क के बजाय सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान दे रही है। राजभर ने इस मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े किए।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजभर की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की गरीब जनता एआई वीडियो के जरिए की जा रही राजनीति का जवाब चुनाव में देगी। राजभर ने कहा कि 2027 में मतदाता ऐसा फैसला सुना सकते हैं जिससे समाजवादी पार्टी के लिए अपनी राजनीतिक स्थिति संभालना मुश्किल हो जाए।

सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में समाजवादी पार्टी की हालत ऐसी हो सकती है कि उसे अपनी साइकिल का हैंडल और पैडल तक ढूंढने की नौबत आ जाए। साइकिल समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न है, इसलिए राजभर की इस टिप्पणी को पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर किए गए राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। राजभर ने अपने बयान के अंत में ‘जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम, जय श्रीकृष्ण और जय महाराजा सुहेलदेव’ के नारे लगाए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एआई से तैयार वीडियो भी राजनीतिक प्रचार और नेताओं के बीच बयानबाजी का हिस्सा बन रहे हैं।

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