न्यूज़
Sawan Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कम वेतन, बढ़ता किराया और महंगाई की मार… भड़के मजदूर, नोएडा हिंसा में जली कई गाड़ियां, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

नोएडा में कम वेतन, महंगाई और खराब कामकाजी हालात के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा भड़क उठा। फेज-2 में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बीच प्रशासन अलर्ट, जानिए अब तक क्या हुआ।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 13 Apr 2026 5:35:40

कम वेतन, बढ़ता किराया और महंगाई की मार… भड़के मजदूर, नोएडा हिंसा में जली कई गाड़ियां, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

नोएडा में बढ़ती महंगाई, कम वेतन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज मजदूरों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर नजर आने लगा है। सोमवार को हजारों की संख्या में श्रमिक न्यूनतम वेतन, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन करने उतरे, लेकिन कई जगहों पर यह विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। हालात बिगड़ने पर प्रशासन और पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।

सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति नोएडा के फेज-2 इलाके में देखने को मिली, जहां प्रदर्शनकारी मजदूरों ने आक्रोश में आकर कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा कुछ औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया और कई स्थानों पर हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

प्रशासन की ओर से लगातार हालात को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन मजदूर अपनी मांगों को लेकर फिलहाल अडिग हैं। मौके पर डिप्टी लेबर कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचकर श्रमिकों से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटे के भीतर सभी मजदूर संगठनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके।

5 अहम बिंदुओं में समझें पूरा घटनाक्रम:

प्रदर्शन का केंद्र: नोएडा का फेज-2 इलाका इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं और बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं।

प्रदर्शन की वजह: श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा, साथ ही छुट्टी, बोनस और अन्य सुविधाओं का भी अभाव है।

कहां बिगड़े हालात: कई जगहों पर प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, खासकर फेज-2 में स्थिति ज्यादा खराब रही। पुलिस ने यहां अतिरिक्त बल और रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स (RRF) को तैनात किया है।

पुलिस की कार्रवाई: हालात काबू में करने के लिए पुलिस को कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। साथ ही, आंदोलन को भड़काने के आरोप में दो सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

सरकार का रुख: सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दे रही है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा और आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे।

noida worker protest,noida violence news,low salary workers india,labour protest noida phase 2,workers demand salary hike,noida factory workers protest,up labour unrest,inflation impact workers,worker protest vehicles burnt,noida news update

प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं मजदूर?

प्रदर्शन कर रहे अधिकांश मजदूरों का आरोप है कि उन्हें महीने में 15 हजार रुपये से भी कम वेतन मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। उनका सवाल है कि इतनी कम आय में किराया, भोजन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्च कैसे पूरे किए जाएं। कई श्रमिकों ने यह भी बताया कि उनसे रोजाना 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है, जबकि वे 8 घंटे की तय शिफ्ट की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल एक महिला मजदूर लक्ष्मी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उनकी मुख्य मांग सिर्फ दो चीजों की है—ओवरटाइम का उचित भुगतान और कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों में श्रमिकों का शोषण हो रहा है, समय पर भोजन नहीं मिलता और खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

एक अन्य मजदूर ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन केवल 300 से 400 रुपये मिलते हैं, जबकि उनका मानना है कि न्यूनतम 800 रुपये रोजाना मिलना चाहिए। वहीं, एक महिला प्रदर्शनकारी ने महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि एलपीजी सिलेंडर, किराया और बच्चों की फीस लगातार बढ़ रही है, लेकिन मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही। 13 हजार रुपये महीने में घर चलाना उनके लिए असंभव होता जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल राजेश नामक मजदूर ने भी कहा कि 8 घंटे की शिफ्ट के लिए कम से कम 20 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा आय में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है और भविष्य को लेकर असुरक्षा बढ़ती जा रही है।

मजदूरों का यह भी कहना है कि उनसे तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान सही तरीके से नहीं किया जाता। इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश, बोनस और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिल रही हैं।

मजदूरों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

- न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रति माह किया जाए
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से दिया जाए
- कार्य के घंटे निर्धारित हों और अतिरिक्त दबाव न डाला जाए
- हर सप्ताह एक दिन की अनिवार्य छुट्टी मिले
- वेतन समय पर सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए
- श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए

सीएम योगी ने क्या कहा?

नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि कुछ तत्व नक्सलवाद जैसी विचारधारा को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा।

सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के हर श्रमिक को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और जरूरी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को सख्ती से श्रम कानूनों का पालन करने और मजदूरों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देशित किया कि वे अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें, ताकि विवाद का हल निकाला जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मजदूरों के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन को सतर्क रहते हुए किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।

वहीं, इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अन्याय अपने चरम पर पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण मजदूरों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी की गई, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया।

इधर, नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई है। यूपी पुलिस ने जानकारी दी है कि अफवाह फैलाने और माहौल भड़काने के आरोप में दो सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए, लेकिन हिंसा की घटना केवल एक जगह हुई, जिसे न्यूनतम बल प्रयोग कर नियंत्रित कर लिया गया।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी प्रकार की फायरिंग नहीं हुई और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गलत जानकारी न फैलाएं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि बाहरी भड़काऊ तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, जो लोग झूठी और गुमराह करने वाली खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस बीच, उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के मुख्य सचिव भी अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

राहुल गांधी के थाने में धरने पर BJP का हमला, जेपी नड्डा बोले- वंदे मातरम् विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश
राहुल गांधी के थाने में धरने पर BJP का हमला, जेपी नड्डा बोले- वंदे मातरम् विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश
चीनी की जमाखोरी पर सरकार का बड़ा एक्शन! अब थोक खरीदार 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे
चीनी की जमाखोरी पर सरकार का बड़ा एक्शन! अब थोक खरीदार 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे
अलास्का में चार्टर विमान हुआ क्रैश, 2 पायलट समेत 8 लोग थे सवार; सभी के मारे जाने की आशंका
अलास्का में चार्टर विमान हुआ क्रैश, 2 पायलट समेत 8 लोग थे सवार; सभी के मारे जाने की आशंका
सिनेमा जगत में छाई चिंता! पद्म श्री सौकार जानकी ICU में भर्ती, 94 की उम्र में बिगड़ी तबीयत
सिनेमा जगत में छाई चिंता! पद्म श्री सौकार जानकी ICU में भर्ती, 94 की उम्र में बिगड़ी तबीयत
पैलेट गन विवाद पर दिल्ली में सियासी संग्राम, राहुल गांधी का थाने के बाहर धरना; FIR पर अड़े
पैलेट गन विवाद पर दिल्ली में सियासी संग्राम, राहुल गांधी का थाने के बाहर धरना; FIR पर अड़े
मुंबई के कुर्ला में बड़ा हादसा! भरभराकर मकानों पर गिरी भारी क्रेन, रेलवे लाइन भी चपेट में; 6 लोग घायल
मुंबई के कुर्ला में बड़ा हादसा! भरभराकर मकानों पर गिरी भारी क्रेन, रेलवे लाइन भी चपेट में; 6 लोग घायल
CM बन गए हैं, अब फिल्मी डायलॉगबाजी छोड़िए... उदयनिधि स्टालिन का विजय पर तीखा राजनीतिक हमला
CM बन गए हैं, अब फिल्मी डायलॉगबाजी छोड़िए... उदयनिधि स्टालिन का विजय पर तीखा राजनीतिक हमला
YouTube को टक्कर देने चीन का बड़ा दांव, Bilibili वीडियो प्लेटफॉर्म ग्लोबली लॉन्च
YouTube को टक्कर देने चीन का बड़ा दांव, Bilibili वीडियो प्लेटफॉर्म ग्लोबली लॉन्च
'वो शादी करने वाले थे...' सुनीता आहूजा के इस दावे से मचा हड़कंप, राखी सावंत से बातचीत में खुला राज
'वो शादी करने वाले थे...' सुनीता आहूजा के इस दावे से मचा हड़कंप, राखी सावंत से बातचीत में खुला राज
कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया पर अब रहेगी नजर, राहुल गांधी के निर्देश से पार्टी में बढ़ी हलचल
कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया पर अब रहेगी नजर, राहुल गांधी के निर्देश से पार्टी में बढ़ी हलचल
‘बंटवारा 1947’ के सामने दूसरे सप्ताह में भी स्क्रीन की चुनौती, सिंगल स्क्रीन पर एक शो की मांग से बढ़ा विवाद
‘बंटवारा 1947’ के सामने दूसरे सप्ताह में भी स्क्रीन की चुनौती, सिंगल स्क्रीन पर एक शो की मांग से बढ़ा विवाद
कौन है हत्यारा? ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ का ट्रेलर मचा रहा तहलका, उलझी मर्डर मिस्ट्री सुलझाएगी ये अफसर
कौन है हत्यारा? ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ का ट्रेलर मचा रहा तहलका, उलझी मर्डर मिस्ट्री सुलझाएगी ये अफसर
इतना चौड़ा डिस्प्ले पहले नहीं देखा होगा! 7000mAh बैटरी के साथ Huawei का नया फोन लॉन्च
इतना चौड़ा डिस्प्ले पहले नहीं देखा होगा! 7000mAh बैटरी के साथ Huawei का नया फोन लॉन्च
5G के दौर में OnePlus का सस्ता 4G फोन! भारत में सितंबर लॉन्च का दावा, कीमत N6x से भी कम हो सकती है
5G के दौर में OnePlus का सस्ता 4G फोन! भारत में सितंबर लॉन्च का दावा, कीमत N6x से भी कम हो सकती है