कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां पनकी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर दो हिंदू महिलाओं से अलग-अलग समय पर विवाह किया और बाद में पहली पत्नी पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद रतनपुर स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी की गई, जहां से दोनों महिलाओं और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मामले की जांच जारी है।
indiatv की खबर के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब हिंदू संगठन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई कि एक व्यक्ति कथित रूप से अपनी असली पहचान छिपाकर महिलाओं को अपार्टमेंट में रखे हुए है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आठ साल पहले शुरू हुआ था कथित घटनाक्रम
प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी ने करीब आठ वर्ष पहले अपना नाम और पहचान बदलकर पहली महिला से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था। शादी के बाद वह महिला को अपने साथ लखनऊ ले गया, जहां दोनों साथ रहने लगे। कुछ समय बाद महिला को आरोपी की वास्तविक धार्मिक पहचान के बारे में जानकारी मिली।
आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने महिला पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी महिला को भी कथित तौर पर झांसे में लिया
जांच में यह भी सामने आया है कि हाल ही में आरोपी पहली महिला और उसके बच्चे को लेकर कानपुर लौट आया था। इसके बाद उसने कथित रूप से अपनी पहचान छिपाकर दूसरी हिंदू महिला से भी संपर्क किया और उससे विवाह कर लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों महिलाओं और बच्चे को रतनपुर स्थित कामदगिरि अपार्टमेंट में रखा गया, जहां उन्हें अपनी मर्जी से आने-जाने की स्वतंत्रता नहीं थी।
जब इस मामले की जानकारी हिंदू संगठन बजरंग दल के पदाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने अपार्टमेंट में छापा मारा और दोनों महिलाओं तथा बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले को लेकर एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि पुलिस को हिंदू संगठन और पहली पीड़िता की ओर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर महिलाओं को अपने साथ रखे हुए है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों महिलाओं और बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा आरोपी को हिरासत में ले लिया।
उन्होंने बताया कि पहली महिला के बयान के आधार पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में जांच शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी महिला से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बजरंग दल ने जताई कड़ी आपत्ति
बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेश तोमर ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इसे कथित तौर पर 'लव जिहाद' से जुड़ा मामला बताया। उनका आरोप है कि आरोपी ने कई वर्षों तक अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर पहली महिला के साथ धोखा किया और बाद में दूसरी महिला को भी अपने जाल में फंसा लिया। उन्होंने कहा कि संगठन की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कई पहलुओं पर जारी है जांच
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। दूसरी महिला के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। जांच अधिकारी सभी दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद पहचान छिपाकर विवाह करने, कथित धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के आरोपों से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।













