
उत्तर प्रदेश के बरेली में बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले दो शूटर आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। गाजियाबाद के थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में 17 सितंबर को यूपी एसटीएफ (नोएडा यूनिट) और दिल्ली पुलिस की सीआई यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इन दोनों अपराधियों को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों अपराधी कुख्यात रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े हुए थे।
गैंग से जुड़े थे बदमाश, भारी मात्रा में हथियार बरामद
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत की पुष्टि हुई। पुलिस को मौके से ग्लॉक और जिगाना पिस्टल के साथ बड़ी संख्या में कारतूस भी मिले हैं। मृतक अपराधियों की पहचान रविंद्र पुत्र कल्लू निवासी रोहतक (हरियाणा) और अरुण पुत्र राजेंद्र निवासी सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
दिशा पाटनी के घर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग
यह मामला 12 सितंबर की सुबह का है, जब बरेली स्थित अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर के बाहर करीब 9 राउंड गोलियां दागी गई थीं। घटना के तुरंत बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। हमले की जिम्मेदारी गैंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ली थी। वीडियो में दावा किया गया था कि यह हमला दिशा की बहन खुशबू पाटनी द्वारा कथावाचक प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य पर की गई टिप्पणी के विरोध में किया गया था।
सीएम योगी ने दिया था सख्त एक्शन का आदेश
घटना के बाद बरेली कोतवाली में मामला दर्ज किया गया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इसे संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और पड़ोसी राज्यों के क्राइम रिकॉर्ड से मिलान कर अपराधियों की पहचान पुख्ता की। जांच में खुलासा हुआ कि हमले के पीछे रविंद्र और अरुण का हाथ था, जो क्रमशः रोहतक और सोनीपत के रहने वाले थे।
गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा झटका
इस एनकाउंटर के बाद पुलिस का कहना है कि गोल्डी बराड़–रोहित गोदारा गैंग को एक बड़ा झटका लगा है। हालांकि पुलिस अभी गैंग से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस गैंग के तार और कहां तक फैले हैं और दिशा पाटनी के घर फायरिंग जैसी वारदात की योजना किस स्तर से बनाई गई थी।














